सोशल मीडिया में उन्नाव और कठुआ बलात्कार मामलों की चर्चा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी चुप्पी के लिए पिछले दो-तीन दिनों से लगातार घेरा जा रहा था. वहीं कल आधी रात को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय से लेकर इंडिया गेट तक कैंडल लाइट मार्च निकाला गया था. इसके साथ गुरुवार को ही कांग्रेस अध्यक्ष ने भी इन मसलों पर चुप्पी के लिए प्रधानमंत्री को निशाना बनाया था. आज सोशल मीडिया पर इसकी भी खूब चर्चा रही और यहां शाम तक प्रधानमंत्री को घेरते हुए कई टिप्पणियां आई हैं. फेसबुक पर सतीश मुख्तलिफ ने लिखा है, ‘क्या विडंबना है कि सबसे ज्यादा बोलने वाला पीएम संजीदा मसलों पर अपनी चुप्पी के लिए भी जाना जाएगा.’ ट्विटर पर speakUp ट्रेंडिंग टॉपिक के साथ इस मुद्दे पर मोदी को घेरा गया है.

हालांकि शुक्रवार को नई दिल्ली में हुए एक आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार कठुआ और उन्नाव बलात्कार मामलों पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. यहां दिए भाषण में उन्होंने इन घटनाओं को शर्मनाक बताते हुए कहा है कि इन मामलों में पूरा न्याय होगा. शाम के बाद सोशल मीडिया पर इस खबर को कई लोगों ने शेयर किया है और इस पर भी कई प्रतिक्रियाएं आई हैं. पत्रकार बरखा दत्त ने प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत करते हुए ट्वीट किया है, ‘...यह बयान पहले आ जाना चाहिए था...हालांकि यह जनता और हमारे आक्रोश की ताकत को रेखांकित करता है.’

केंद्र में यूपीए सरकार के समय भाजपा अक्सर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इसलिए आलोचना करती थी कि वे कथिततौर पर ज्यादातर मौकों पर मौन रहते थे. सोशल मीडिया पर आज मोदी की मनमोहन सिंह से तुलना करते हुए भी कई प्रतिक्रियाएं आई हैं. ट्विटर हैंडल @ShakuniUncle पर एक टिप्पणी है, ‘जैसे ही यह अहसास हुआ कि चुप्पी का मनमोहन सिंह का रिकॉर्ड टूट सकता है, मोदी जी बोल पड़े’

इन दोनों मामलों को लेकर प्रधानमंत्री की चुप्पी और आज आए उनके बयान पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

श्रीलता |‏ @Shreelata14

प्रधानमंत्री मोदी आज बोले तो जरूर हैं, लेकिन इसे यूं ही लिया जा सकता है - ‘बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते...’

सतीश आचार्य | @satishacharya

‘भारत से बहुत सारा प्यार और तोहफे...’
‘लेकिन इनमें न्याय कहां है?’

जैनेन्द्र कुमार‏ | @jainendrakumar

यह अच्छा है कि दबाव में ही सही लेकिन प्रधानमंत्री मोदी रेप की घटनाओं से लेकर एससी-एसटी एक्ट पर ‘बोले’ हैं, लेकिन क्या प्रधानमंत्री को सरकारी मंच से ‘बीजेपी-कांग्रेस’ करना चाहिए?

शिवम विज | @DilliDurAst

मोदी 24 घंटे देरी से बोले हैं या तीन महीने देरी से... जम्मू-कश्मीर सरकार में भाजपा के मंत्रियों को हटा दिया गया है (आज ही)... जो यूपीए-2 में हुआ था, कुछ वैसा ही हो रहा है...भरपाई की जा रही है लेकिन बहुत देर से और वो भी बहुत कम, और इसीलिए यहां और कमजोरी का दिख रही है.

अमित तिवारी | facebook/amit.tiwary7

मोदी जी की चुप्पी का मतलब ये नहीं कि वो दुखी नहीं हैं…
इन राज्यों में चुनाव न आने वाले हों तो उनकी क्या गलती!