इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले के मुख्य याचिकाकर्ता गोपीनाथ पिल्लई की एक सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद शुक्रवार को मौत हो गई. गोपीनाथ पिल्लई (78) अपने बेटे प्राणेश पिल्लई उर्फ जावेद गुलाम शेख को इंसाफ दिलाने की लड़ाई लड़ रहे थे. प्राणेश, इशरत जहां और दो अन्य लोगों की 2004 में गुजरात पुलिस के साथ कथित फर्जी मुठभेड़ में मौत हुई थी.

कथित फर्जी मुठभेड़ का यह मामला सामने आने के बाद राजनीति गर्मा गई थी. रिपोर्टों के मुताबिक इस केस को दबाने की कोशिशें होती रही हैं. गोपीनाथ इन्हीं कोशिशों के खिलाफ लंबे वक्त से कानूनी लड़ रहे थे. वे गुजरात सरकार और पुलिस के इस दावे को लगातार खारिज करते रहे कि उनका बेटा आतंकवादी था. उन्होंने यह दावा भी किया था कि उनका बेटा तो पुलिस का खबरी था और उसने देशभक्तों वाला काम किया था. गोपीनाथ की मौत के बाद अब इशरत जहां की मां शमीमा कौसर इस केस की एकमात्र याचिकाकर्ता बची हैं.

उधर, दुर्घटना को लेकर केरल के डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने बताया कि पुलिस इस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि यह एक सड़क दुर्घटना थी या हत्या. हालांकि गोपीनाथ के परिवार ने इसे दुर्घटना ही बताया है और किसी साजिश से इनकार किया है.