अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर सख्त नीति अपना रहे अमेरिका ने भारत को करेंसी वॉच लिस्ट में शामिल किया है. चीन इस सूची में पहले से है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के ट्रेज़री विभाग द्वारा तैयार इस सूची में उन देशों को रखा जाता है कि जिनकी मौद्रिक विनिमय नीति को अमेरिकी सरकार संदेह की नजर से देखती है.

जिन देशों को इस निगरानी सूची में शामिल किया गया है वे अमेरिका के बड़े कारोबारी साझेदार हैं. ट्रेज़री विभाग की ओर से जारी बयान के मुताबिक अमेरिका इन देशों की मौद्रिक नीति पर इसलिए नजर रखना चाहता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं ये मौद्रिक विनिमय की दर में जानबूझकर हेराफेरी तो नहीं कर रहे हैं जिससे अमेरिका को नुकसान पहुंच रहा हो. वहीं अमेरिकी कांग्रेस की अर्धवार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल अक्टूबर से इस वॉच लिस्ट में चीन, जर्मनी, जापान, कोरिया और स्विटजरलैंड के नाम शामिल हैं.

अमेरिका इन सभी देशों के साथ व्यापार घाटे में है. यानी वह इन देशों को जितने मूल्य का निर्यात करता है, उस मूल्य से ज्यादा का आयात करता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में कई बार कह चुके हैं कि वे अमेरिका का व्यापार घाटा कम करेंगे और इसी कवायद के तहत अमेरिका ने पिछले दिनों चीन से आयात होने वाली कई वस्तुओं पर आयात शुल्क लगा दिया है.