‘मानवता के खिलाफ अपराध’ के आरोपों का सामना कर रहे सूडान के राष्ट्रपति अल बशीर के दक्षिण अफ्रीका छोड़ने पर वहां की एक अदालत ने रोक लगा दी है. अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि उन्हें तब तक दक्षिण अफ्रीका से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा जब तक कि उनके खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती. बशीर पर मानवता के खिलाफ काम करने से लेकर युद्ध अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं.
बशीर के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अपराध अदालत गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है.
अदालत के इस आदेश से बशीर की मुश्किलें बढती नजर आ रही हैं. इससे पहले साल 2009 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध अदालत (आईसीसी) भी उन्हें सूडान के दारफूर क्षेत्र में हुए संघर्ष के लिए जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुकी है. इस संघर्ष में चार लाख से ज्यादा लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी और 20 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए थे. अल बशीर अफ्रीकी संघ के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रविवार को ही दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे. इसी दौरान साउथ अफ्रीकन लिटिगेशन सेंटर नाम के एक संगठन की अपील पर प्रिटोरिया हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि राष्ट्रपति बशीर को कोर्ट की इजाजत के बिना देश से बाहर जाने दिया जाए.
किम जोंग ने ‘एंटीशिप रॉकेट लांचिंग’ को मील का पत्थर बताया
दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में गिने जाने वाले किम जोंग ने उत्तर कोरिया द्वारा किए गए ‘एंटीशिप रॉकेट’ के सफल प्रक्षेपण की सराहना करते हुए इसे अपने देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है. उन्होंने इस प्रक्षेपण को अपनी नौसेना की ताकत में बढ़ोतरी की दिशा में ‘मील का पत्थर’ करार दिया और कहा कि इससे दुश्मनों को उत्तर कोरिया पर बुरी नजर डालने से पहले कई बार सोचना पड़ेगा. उत्तर कोरिया ने एक दिन पहले ही समुद्र में 100 किलोमीटर तक मार करने वाली तीन एंटीशिप मिसाइलों का प्रक्षेपण किया है. वहां के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इन मिसाइलों को बहुत जल्द ही उत्तर कोरियाई नौसेना के बेड़े में शामिल कर दिया जाएगा. अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए उत्तर कोरिया लगातार नई-नई मिसाइलें विकसित कर रहा है. इससे पहले पिछले महीने भी उसने जहाज से जहाज पर निशाना लगाने वाली तीन बैलिस्टिक मिसाइलों के सफल परीक्षण का दावा किया था. उत्तर कोरिया द्वारा किए जा रहे इन प्रक्षेपण कार्यक्रमों को लेकर दुनिया के कई देश चिंता जता रहे हैं.
ईंधन से भरा मलेशियाई टैंकर लापता हुआ
मलेशिया में पेट्रोल से भरा एक टैंकर इसमें सवार चालक दल के 22 लोगों सहित लापता हो गया है. कहा जा रहा है कि लापता लोगों में 16 मलेशिया, पांच इंडोनेशिया और एक म्यांमार का है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक यह टैंकर चार दिन पहले वहां के जोहोर प्रांत के पूर्वी तट से लापता हुआ. ‘एमटी ऑर्किम हारमनी’ नाम का यह टैकर मलाक्का से कुअंटन जा रहा था. मलेशिया मैरीटाइम इनफोर्समेंट एजेंसी (एमएमईए) के अधिकारियों का कहना है कि टैंकर में 6000 टन ईंधन भरा हुआ है जिसकी कीमत 15 मिलियन रिंगिट यानी लगभग 25 करोड़ रुपए है. टैंकर की तलाश जारी है.