21वें कॉमनवेल्थ गेम्स का दसवां दिन भारत के लिए जबर्दस्त सफलताओं से भरा रहा. शनिवार को भारत ने आठ स्वर्ण, चार रजत और पांच कांस्य समेत 17 पदक जीते. पूरे दिन भारतीय खिलाड़ियों के एक के बाद एक पदक जीतने की खबरें आती रहीं. कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा ले रहीं बॉक्सर मैरी कॉम से आज पदक जीतने की शुरुआत हुई. उन्होंने 45 से 48 किलो वर्ग में नॉर्दन आयरलैंड की क्रिस्टीना ओकोहारा को हराकर स्वर्ण पदक जीता है. इसके बाद शूटिंग प्रतिस्पर्धा में संजीत राजपूत ने स्वर्ण पदक पर निशाना ​लगाया.

इस सिलसिले को गौरव सोलंकी और विकास कृष्णा ने आगे बढ़ाया. इन दोनों ने बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक पर पंच लगाया. फिर जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा में देश को नीरज चोपड़ा ने सफलता दिलाई. उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. टेबल टेनिस में महिला वर्ग का फाइनल मुकाबला भी भारत के लिए खुशियों भरी खबर लाया. इस स्पर्धा में ऐतिहासिक जीत की इबारत मणिका बत्रा ने लिखी. टेबल टेनिस के महिला वर्ग के एकल मुकाबले में भारत ने पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया है.

शानदार शॉट और सटीक निशाने के बाद फिर गोल्ड कोस्ट में भारतीय पहलवानों ने भी अपना जोर दिखाया. महिलाओं की 50 किलो वर्ग की कुश्ती में विनेश फोगाट ने न सिर्फ अपनी ताकत और फुर्ती से स्वर्ण पदक के निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज की, बल्कि अपनी प्रतिद्वंदी जेसिका मेक्डोनल्ड को 4-1 से एक-तरफा चित भी किया. इसके अलावा 125 किलो वर्ग के कुश्ती के एक अन्य मुकाबले में वॉकओवर से सुमित मलिक को स्वर्ण मिला. चोट लग जाने से नाइजीरिया के पहलवान सिनिवी बोल्टिक सुमित के खिलाफ अपनी ताल नहीं ठोंक सके.

इन स्वर्ण पदकों के अलावा भारत ने शनिवार को पांच रजत पदक भी जीते. इनमें से तीन बॉक्सिंग स्पर्धाओं में मिले. अमित पंघल को 46 से 49 किलो वर्ग में तो वहीं मनीष कौशिक को 60 किलो के वर्ग में यह सफलता मिली. सतीश कुमार ने 91 किलो वर्ग में चांदी जीती. टेबल टेनिस स्पर्धा में अचंता शरत कमल और साथियान गणानशेखरन की जोड़ी को टेबल टेनिस के मुकाबले में रजत पदक मिला. स्क्वैश के मिक्स डबल्स मुकाबले में यह उपलब्धि सौरभ घोषाल और दीपिका पल्लिकल की जोड़ी ने हासिल की.

शनिवार को ही कुश्ती में एक स्वर्ण के अलावा भारत ने दो कांस्य पदक भी जीते. 62 किलो वर्ग में साक्षी मलिक ने न्यूजीलैंड की टायला फोर्ड को हराकर कांसा जीता. फिर 86 किलो वर्ग में सोमवीर ने कनाडा के एलेग्जेंडर को चित किया. हरमीत देसाई और सुनील की जोड़ी ने टेबल टेनिस तो वहीं सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने बैडमिंटन में कमाल दिखाते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. उन्होंने आॅस्ट्रेलिया के सेत्याना और ग्रोन्या की जोड़ी को परास्त किया.

पदकों के मामले में मिली इन सफलताओं के दौरान हालांकि खेल प्रशंसकों के लिए हॉकी के मैदान से निराशाभरी खबर आई. हॉकी के पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारत पदक जीत पाने में नाकामयाब रहा. दोनों वर्गों की टीमों को ब्रिटेन से ही मात खानी पड़ी. महिला हॉकी में जहां ब्रिटेन ने भारत को 6-0 से हराया तो वहीं पुरुष वर्ग में ब्रिटिश खिलाड़ियों ने भारत को 3-1 से मात दी.

रविवार को गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स का आखिरी दिन है. इस दिन भी भारत को कई स्पर्धाओं में हिस्सा लेना है. भारत के लिए हालांकि बैडमिंटन में एक स्वर्ण और एक रजत पहले से ही पक्का हो गया है. क्योंकि इसके फाइनल मुकाबले में दोनों भारतीय खिलाड़ी खेलेंगी. यह मुकाबला साइना नेहवाल और पीवी सिंधू के बीच होगा. भारत अब तक इन गेम्स में 25 स्वर्ण 16 रजत और 18 कांस्य जीत चुका है. फिलहाल पदक तालिका में आॅस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के बाद भारत तीसरे स्थान पर है.