ऑस्ट्रेलिया के गोलकोस्ट में आयोजित 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 66 पदकों के साथ अपने अभियान को खत्म किया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. 11 दिन चले आयोजन में 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक के साथ भारत पदक तालिका में तीसरे स्थान पर रहा. यह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. 80 स्वर्ण के साथ ऑस्ट्रेलिया पहले और 44 स्वर्ण पदकों के साथ इंग्लैंड दूसरे स्थान पर रहा. 22वें राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन साल 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में होना है.

2000 रु के नोटों के कालेधन में तब्दील होने की आशंका

साल 2016 में नोटबंदी के बाद जारी 2000 रुपये के नोट के कालेधन में तब्दील होने की आशंका पैदा हो गई है. दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के मुताबिक बैंक शाखाओं और करेंसी चेस्ट में आने वाली रकम में इसकी संख्या में लगातार कमी आ रही है. मार्च, 2018 में बैंकों की करेंसी चेस्ट की बैलेंसशीट के मुताबिक 2000 रुपये के नोटों की संख्या कुल जमा रकम की केवल 10 फीसदी रह गई है. यह स्थिति इनके कुल जारी करेंसी में हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी होने के बाद की है. बताया जाता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने करीब सात लाख रुपये से अधिक मूल्य के 2000 रुपये के नोट जारी किए हैं. जुलाई, 2017 तक बैंकों में जमा रकम में इनकी हिस्सेदारी 35 फीसदी थी. इसके बाद नवंबर, 2017 में यह घटकर 25 फीसदी रह गई थी.

नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में कमी, बीते साल 58 जिलों में हिंसा के मामले सामने आए : गृह मंत्रालय

केंद्र सरकार के दावे के मुताबिक नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में कमी दर्ज की गई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 126 में से 44 जिलों को नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया है. हालांकि, नक्सल प्रभावित सूची में आठ जिलों को शामिल किया गया है. इनमें तीन केरल स्थित जिले हैं. इसके अलावा नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित जिलों की संख्या भी 35 से घटकर 30 तक पहुंच गई है. इनमें बिहार के दो और झारखंड के तीन जिले हैं. दूसरी ओर, गृह मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो बीते साल केवल 58 जिलों में नक्सली हिंसा के मामले सामने आए हैं.

नीति आयोग ढिंढोरा पीटने वाले बौद्धिक रूप से साधारण लोगों का मंच : जयराम रमेश

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग को ‘ढिंढोरा पीटने वाले बौद्धिक रूप से साधारण लोगों का एक मंच’ करार दिया. द हिंदू के मुताबिक उन्होंने विकास को लेकर पूर्ववर्ती योजना आयोग के युग में हुए विकास की तारीफ भी की. साथ ही, उन्होंने इसे खत्म करने के फैसले को नोटबंदी की तरह मोदी सरकार का तुगलकी फैसला भी बताया. इसके अलावा जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय को अधिक वरीयता देने के लिए योजना आयोग को खत्म किया गया है.

सीरिया पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद दुनिया तीसरा विश्व युद्ध कभी भी हो सकता है : रूस

सीरिया पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक रूस ने कहा है कि दुनिया शीत युद्ध की ओर बढ़ रही है. साथ ही, उसके मुताबिक तीसरा विश्वयुद्ध कभी भी हो सकता है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे संयुक्त देशों की आक्रामक कार्रवाई करार दिया है. उधर, अमेरिका के सहयोगी देश तुर्की के रक्षा मंत्री एन कैनिक्ली ने भी तनाव बढ़ने पर तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जाहिर की है. इस बीच, सीरिया पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में रूस को झटका लगा है. अखबार कहता है कि यूएन ने उस रूसी प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें सीरिया पर हमले की निंदा की गई थी.