हैदराबाद के मक्का मस्जिद मामले में आए फैसले से उठी बहस की आग में एक और खबर ने घी डालने का काम कर दिया है. खबर यह है कि इस मामले में असीमानंद सभी पांचों आरोपितों को बरी करने का फैसला सुनाने वाले विशेष एनआईए जज ने इस्तीफा दे दिया है. जज रविंदर रेड्डी ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजे अपने इस्तीफे में कहा है कि वे व्यक्तिगत कारणों से यह फैसला कर रहे हैं.

जज रविंदर रेड्डी | फोटो : एएनआई
जज रविंदर रेड्डी | फोटो : एएनआई

इससे पहले जज रविंदर रेड्डी ने फैसला सुनाते हुए सबूतों के अभाव का हवाला दिया था और कहा था कि अभियोजन पक्ष इस मामले में संदिग्धों का जुर्म साबित करने में नाकाम रहा है. हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को शुक्रवार के दिन धमाका हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और 58 घायल हो गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद स्थानीय पुलिस ने यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था. सीबीआई ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. लेकिन अप्रैल 2011 में इसकी जांच एनआईए के हाथ में आ गई थी.

अब विशेष एनआईए जज के इस्तीफे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने इस इस्तीफे को रहस्यमय बताया है. ओवैसी ने कहा कि वे जज के इस फैसले से हैरान हैं.