‘क्या राहुल गांधी हिंदू धर्म को बदनाम करने के लिए माफी मांगेंगे?’

— संबित पात्रा, भाजपा के प्रवक्ता

भाजपा नेता संबित पात्रा का यह बयान कांग्रेस पर वोट के लिए हिंदुत्व को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘अदालत का फैसला आने के बाद पार्टी (कांग्रेस) का रुख बेनकाब हो गया है.’ मक्का मस्जिद मामले में अदालत के फैसले के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी अदालत के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करती है, क्योंकि अदालत एक स्वतंत्र संस्था है. उनका यह भी कहा कि कांग्रेस के लिए 2जी मामले में अदालत का फैसला ठीक था, लेकिन वह अब (मक्का मस्जिद मामले में) अदालत के फैसले पर सवाल उठा रही है. सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने 2007 के मक्का मस्जिद मामले में असीमानंद सहित पांचों आरोपितों को बरी कर दिया.

‘मैंने भगवा आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था.’

— शिवराज पाटिल, पूर्व गृह मंत्री

पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल का यह बयान मक्का मस्जिद मामले में आरोपितों के अदालत से बरी होने पर आया. पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के मंत्रियों द्वारा ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘यह सवाल उनसे नहीं पूछा जाना चाहिए.’ अदालत के फैसले पर शिवराज पाटिल ने कहा कि उन्होंने अभी फैसला नहीं पढ़ा है, इसलिए उस पर कोई टिप्पणी करना मुनासिब नहीं होगा. इस बीच कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि लोगों का अदालतों पर भरोसा है, लेकिन जांच एजेंसियां केंद्र सरकार की कठपुतली बन गई हैं.


‘भारत के लिए जाति व्यवस्था को छोड़ने का यह सही समय है.’

— दलाई लामा, तिब्बती बौद्ध धर्म गुरू

बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा का यह बयान भारत की जाति व्यवस्था की आलोचना करते हुए आया. भारत के सांप्रदायिक सद्भाव की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि 2000 साल पहले बुद्ध ने जाति व्यवस्था का पुरजोर विरोध किया था. दलाई लामा ने आगे कहा कि संविधान सभी को समान अधिकार देता है, लेकिन इस देश में एक यही पिछड़ापन बचा है जो समाज को बांटने का काम कर रहा है. दलाई लामा के मुताबिक बचपन में लोगों को जाति व्यवस्था का अहसास नहीं होता है, लेकिन बाद में इसके बुरे अनुभवों का सामना करना पड़ता है.


‘डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद के लिए नैतिक रूप से योग्य नहीं हैं.’

— जेम्स कामे, अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के पूर्व निदेशक

एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कामे का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगातार झूठ बोलने वाला व्यक्ति बताते हुए आया. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप महिलाओं को केवल मांस का टुकड़ा समझते हैं. जेम्स कामे ने आगे कहा कि रूसियों के पास डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री हो सकती है, जिसके जरिए वे उन्हें ब्लैकमेल कर सकते हैं. ट्रंप प्रशासन की तुलना ‘माफिया परिवार’ से करते हुए उनका कहना था कि डोनाल्ड ट्रंप हर उस व्यक्ति के लिए कलंक जैसे हैं, जिन्होंने उनके साथ काम किया है. जेम्स कामे के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप देश के सिद्धांतों और परंपराओं को जंगल की आग की तरह जला रहे हैं.