राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हैदराबाद स्थित विशेष अदालत ने मक्का मस्जिद धमाका मामले में सोमवार को असीमानंद सहित सभी पांचों आरोपितों को बरी कर दिया है. फेसबुक और ट्विटर पर आज इस खबर की खूब चर्चा है. भाजपा समर्थक और कई अन्य लोग आरोप लगाते रहे हैं कि कांग्रेस ने कथित ‘हिंदू आतंकवाद’ का हौव्वा खड़ा करने के लिए यह झूठा मामला गढ़ा था और निर्दोष लोगों को फंसाया था. सोशल मीडिया में इस बात का जिक्र करते हुए आज भी कई लोगों ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. पत्रकार अभिजीत मजूमदार का ट्वीट है, ‘मक्का मस्जिद बम धमाके में आरोपित स्वामी असीमानंद और चार आरोपितों को बरी कर दिया गया है. सुनवाई के दौरान 226 गवाह पेश किए गए और 411 दस्तावेजों की छानबीन की गई... क्या सोनिया गांधी का यूपीए इन लोगों के जीवन के 10-11 साल वापस लौटा सकता है? या क्या निर्दोष लोगों को ‘हिंदू आतंकवाद’ की धारणा स्थापित करने के लिए फंसाया जाना ठीक है?’

हालांकि यहां एक बड़े तबके और भाजपा विरोधियों का यह भी कहना है कि इन आरोपितों की रिहाई केंद्र सरकार के दबाव में हुई है. साथ ही इस मामले में एनआईए जांच पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. निशांत चतुर्वेदी ने पूछा है, ‘मक्का मस्जिद मामले में पांच आरोपित बरी… तो क्या ये केस गलत था? तो फिर इस मामले में गुनहगार कौन था?’

सोमवार को आए इस फैसले से उठी बहस की आग में आज एक और खबर ने घी डालने का काम किया है. खबर यह है कि इस मामले में फैसला सुनाने वाले विशेष एनआईए जज रविंदर रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया है. सोशल मीडिया में रेड्डी के इस्तीफे पर हैरानी जताई जा रही है और कई लोगों ने इस पर भी सवाल खड़े किए हैं.

सोशल मीडिया में मक्का मस्जिद धमाका मामले से जुड़े घटनाक्रम पर आईं कुछ और प्रतिक्रियाएं :

राजदीप सरदेसाई | @sardesairajdeep

11 साल के बाद मक्का मस्जिद बम धमाके के सभी आरोपित बरी हो गए हैं. कुल मिलाकर, वह बम धमाका जिसमें आठ लोग मारे गए थे और 58 घायल हुए थे, के लिए कोई जिम्मेदार नहीं हैं... ये है इंडिया.


आज की तस्वीर :

फिल्म हिस्टरी पिक्स |‏ @FilmHistoryPic

महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, और इंदिरा गांधी के साथ चार्ली चैप्लिन. आज इस अमेरिकी अभिनेता का 129वां जन्मदिन है.


हरिंदर बावेजा | @shammybaweja

मक्का मस्जिद केस के पांच आरोपित बरी हो गए हैं. एनआईए... यानी पिंजरे में बंद तोता, बहुत बढ़िया. लोग और उम्मीद भी क्या करते. यहां तो बलात्कार के आरोपित को भी जनता के विरोध प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया जाता है. फिलहाल हम अपने संस्थानों के खोखलेपन पर शोक ही जता सकते हैं...

ऋषिका नेगी | @Rishika_Negii

मक्का मस्जिद ब्लास्ट वाला असीमानंद भी बरी हो गया... अच्छे ही अच्छे दिन चल रहे हैं जी!

दास बोल्शेविक |@India_Soviet

सीबीआई और एनआईए में क्या अंतर है? सिर्फ स्पेलिंग का.