राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हैदराबाद स्थित विशेष अदालत ने मक्का मस्जिद धमाका मामले में असीमानंद सहित सभी पांचों आरोपितों को बरी कर दिया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अदालत ने कहा है कि अभियोजन पक्ष इस मामले में संदिग्धों का जुर्म साबित करने में नाकाम रहा. हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को धमाका हुआ था जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी और 58 घायल हो गए थे. इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने इस साल देश में 97 फीसदी बारिश होने का अनुमान जताया है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. इससे पहले मौसम की सूचना देने वाली एक निजी संस्था स्काईमेट ने भी देश में मानसून के सामान्य रहने की भविष्यवाणी की थी.

सरकार के पास इराक में मारे गए 39 भारतीयों से जुड़ी जानकारियां नहीं

सरकार के पास इराक में मारे गए 39 भारतीयों से जुड़ी जानकारियां नहीं है. जनसत्ता में प्रकाशित खबर की मानें तो विदेश मंत्रालय ने इनके नाम, स्थायी पते और डीएनए रिपोर्ट आदि का ब्योरा हासिल करने के लिए इराक स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने को कहा है. अखबार के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता अशोक रंधावा ने एक आरटीआई आवेदन में मंत्रालय से इसकी जानकारी मांगी थी. इस बारे में अशोक रंधावा का कहना है कि बीते महीने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में सभी मृतकों के परिजनों से संपर्क किए जाने की बात कही थी. लेकिन, अब मृतकों से जुड़ी जानकारी मांगी जा रही है तो इराक जाने को कहा जा रहा है.

चुनाव आयोग से राजद को कारण बताओ नोटिस किया

चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग ने बिहार की इस मुख्य विपक्षी पार्टी से पूछा है कि साल 2014-15 की ऑडिट रिपोर्ट जमा न करने को लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए. चुनाव आयोग ने पार्टी को नोटिस मिलने के 20 दिनों के अंदर अपने प्रतिनिधि को ऑडिट रिपोर्ट के साथ आने को कहा है. साथ ही, ऑडिट रिपोर्ट तय वक्त पर जमा न करने की वजह बताने को भी कहा है. इससे पहले चुनाव आयोग ने राजद को अक्टूबर, 2015 तक इसे जमा करने को कहा था.

रेलवे ने ट्रैकमैनों से घर का काम कराने के आरोप में अपने कई अधिकारियों को निलंबित किया

उत्तर रेलवे ने ट्रैकमैनों से घर का काम कराने के आरोप में अपने कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक रेलवे ने यह कदम एक चैनल के खुलासे के बाद उठाया. सूत्रों के मुताबिक सभी जोन में दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ यह कदम उठाने का फैसला किया गया है. इससे पहले चैनल की रिपोर्ट में दिखाया गया था कि कैसे रेलवे ट्रैकों की सुरक्षा का काम करने वाले कर्मचारी अफसरों के घरों में काम कर रहे हैं. इनमें साफ- सफाई, धुलाई और घरों की दीवार बनाने का काम भी शामिल है.

सुप्रीम कोर्ट ने शादी करने का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने को बलात्कार की श्रेणी में रखने इनकार किया

सुप्रीम कोर्ट ने शादी करने का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने को बलात्कार की श्रेणी में रखने इनकार कर दिया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत ने इस बारे में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि आठ वर्षों तक चले शारीरिक संबंध को बलात्कार कहना मुश्किल है. सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता खुद मान रही है कि इतने वर्षों तक वे पति पत्नी की तरह रहे हैं. शीर्ष अदालत ने कहा कि उसे इस बात से कोई मतलब नहीं है कि दोनों विवाहित हैं या नहीं, लेकिन इसमें शक नहीं है कि वे विवाहित जोड़े की तरह साथ रह रहे हैं. इससे पहले महिला की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था.