आईआरसीटीसी में हुए भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई ने सोमवार को चार्जशीट दायर कर दी. इसमें पूर्व रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत 11 अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है. आरोपितों में रेलवे के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं.
सीबीआई ने लालू यादव पर आरोप लगाया है कि यूपीए के कार्यकाल में रेल मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया. जांच एजेंसी के मुताबिक लालू यादव ने सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को रेलवे के दो होटलों की देखरेख का ठेका दिलवाया और इसके बदले उन्हें पटना में एक कीमती जमीन दी गई. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सीबीआई के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘हमने अपने केस के समर्थन में मजबूत सबूत पेश किए हैं कि लालू यादव और उनके परिवार को (सुजाता होटल्त को ठेका दिलाने के बदले) जमीन दी गई थी.’ इस अधिकारी के मुताबिक राजद मुखिया पर अभियोग चलाने के लिए जांच एजेंसी के पास काफी सबूत और गवाहों के बयान मौजूद हैं.
जांच एजेंसी के सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उसने रेल मंत्रालय से 2004 से 2009 (जब लालू यादव रेल मंत्री रहे) के बीच के दस्तावेज बरामद किए थे. सूत्रों की मानें तो इन दस्तावेजों से साफ पता चलता है कि सुजाता होटल्स को ठेका देने का आदेश लालू यादव ने ही दिया था. इसके बदले उन्हें डिलाइट मार्केटिंग नाम की एक बेनामी कंपनी ने जमीन दी थी. चार्जशीट में सीबीआई ने जिन लोगों के नाम शामिल किए हैं उनमें लालू यादव और परिवार के अलावा सरला गुप्ता, विनय कोचर, विजय कोचर, पीके गोयल, प्रेम चंद्र गुप्ता, राकेश सक्सेना, बीके अग्रवाल, आरके गोगिया और अन्य लोग शामिल हैं.
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