दिल्ली में गैंगरेप की एक नाबालिग पीड़िता के मां-बाप ने आरोपितों से रिश्वत लेकर केस रफा-दफा करने की कोशिश की. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक मामला तब सामने आया जब 15 साल की पीड़िता आरोपितों से मिला एडवांस कैश लेकर प्रेम विहार पुलिस चौकी पहुंच गई. बताया जा रहा है कि यह पैसा उस रकम का हिस्सा था जो पीड़िता के मां-बाप ने उसका बयान बदलने के बदले आरोपितों से लेनी तय की थी.

पुलिस ने बताया कि पिछले साल 30 अगस्त को पीड़िता लापता हो गई थी. बाद में अमन विहार पुलिस स्टेशन में उसके अपहरण का मामला दर्ज किया गया था. एक हफ्ते बाद वह घर लौटी तो बताया कि दो लोगों ने उसका अपहरण किया था. उनमें से एक इलाके का प्रॉपर्टी डीलर था. पीड़िता के मुताबिक उसे कई बार नोएडा और गाजियाबाद ले जाया गया जहां उसका बार-बार बलात्कार किया गया. उसकी शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया. हाल में उन्हें जमानत मिल गई.

इस मामले के एक जांचकर्ता ने बताया कि आरोपितों के कुछ जानकारों ने पीड़िता के मां-बाप को 20 लाख रुपये देने की पेशकश की थी. इसके बदले उन्हें लड़की का बयान बदलवाना था. जांचकर्ता ने बताया कि हाल में मां-बाप को पांच लाख रुपये बतौर एडवांस दिए गए थे. लड़की इस बारे में जानती थी. रिपोर्ट के मुताबिक पैसे के लालच में मां-बाप बयान बदलने के लिए पीड़िता पर दबाव बना रहे थे. लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसकी वजह से उसका मां-बाप से कई बार झगड़ा भी हुआ. इस पर जांचकर्ता अधिकारी ने बताया, ‘10 अप्रैल को उसके मां-बाप कोर्ट गए थे. तब उसने इस बारे में पुलिस को बताने का फैसला किया. वह जानती थी कि पैसे पलंग में छुपाए गए थे. उसने कैश उठाया और उन्हें गिने बिना ही प्रेम विहार पुलिस चौकी पहुंच गई.’

खबर के मुताबिक पुलिस उपायुक्त (बाहरी) एमएन तिवारी ने बताया, ‘बच्ची कई सारे नोट लेकर आई थी. उसने बताया कि ये तीन लाख रुपये हैं. लेकिन जब हमने गिनती की तो रकम 4.96 लाख रुपये निकली.’ अधिकारी ने बताया कि बच्ची के मां-बाप के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और आपराधिक धमकी देने के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने कहा, ‘बच्ची की मां को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके पिता फरार हैं. हम इस अपराध में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रहे हैं.’ उधर, पीड़िता को बाल कल्याण समिति के हवाले कर दिया गया. वहां से उसे बाल गृह भेज दिया गया है.