देश के कई राज्यों में नगदी के संकट की ख़बरें आ रही हैं. इसके चलते एटीएम बूथ या तो बंद पड़े हैं या फिर खाली हो चुके हैं. कई जगहों में तो सोमवार शाम से यह स्थिति बनी हुई है.

समाचार एजेंसी एएनआई और पीटीआई के मुताबिक दिल्ली सहित कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना जैसे कई राज्यों में लोगों को एटीएम से पैसे निकालने में परेशानी हो रही है. हैदराबाद और वाराणसी जैसे शहरों में तो लोगों का कहना है कि समस्या सोमवार शाम से है. एनडीटीवी के मुताबिक हालात से निपटने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई है. भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने भी निर्देश जारी किए हैं कि जिन बैंकों के पास अतिरिक्त नगदी है वे उन बैंकों की मदद करें जो नगदी संकट से जूझ रहे हैं.

Telangana: People in Hyderabad say, ‘We have been unable to withdraw cash from ATMs as the kiosks (ATM Kiosk), in several parts of the city, have run out of cash. We have visited several ATMs since yesterday but it is the situation everywhere’. pic.twitter.com/wRMS3jgjyP

— ANI (@ANI) April 17, 2018

People in Varanasi say, ‘We do not know what or where the problem is but the common man is facing difficulty as the ATM Kiosks are not dispensing cash. We have visited 5-6 ATMs since morning. We need to pay for the admission of children and purchase groceries & vegetables’. pic.twitter.com/8eSGXU0NtU

— ANI UP (@ANINewsUP) April 17, 2018

#MadhyaPradesh: People in Bhopal say ‘We are facing a cash crunch. ATMs are not dispensing cash. The situation has been the same since 15 days. We have visited several ATMs today as well, to no avail.’ pic.twitter.com/VwtR3s7flL

— ANI (@ANI) April 17, 2018

ग़ौरतलब है कि नवंबर-2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी (500 और 1,000 के नोट बंद किए गए थे) की घोषणा की थी उसके बाद भी ऐसी स्थिति बनी थी. तब एटीएम बूथों पर कई दिनों तक लंबी-लंबी लाइनें देखी गई थीं. विपक्षी नेताओं ने उन्हीं दिनों की याद करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2,000 के नोटों की कमी के पीछे किसी साज़िश की आशंका जता दी है.