छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की पुलिस के उस औपचारिक आदेश को स्थगित कर दिया है जिसमें उसने एससी-एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया संशोधनों को लागू करने को कहा था. मंगलवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर केंद्र के साथ तालमेल कर काम कर रही है और इस आदेश के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रमन सिंह ने कहा, ‘अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों को लेकर हम हमेशा से संवेदनशील रहे हैं. केंद्र की तरह राज्य सरकार भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेगी. तब तक पुलिस द्वारा दिया गया आदेश स्थगित रहेगा.’

छत्तीसगढ़ में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक बार निर्देश जारी होने के बाद प्रशासन नियमित कार्य के तहत आदेश जारी कर पुलिसकर्मियों को सूचना देता है कि सर्वोच्च अदालत ने जो कहा उसे लागू किया जाए. अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा तब भी किया गया था जब नाबालिगों को न्याय देने या बलात्कार से संबंधित कानून में बदलाव किए गए थे. पुलिस सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य है.’

उधर, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर दोहरा रवैया रखने का आरोप लगाया. सोमवार को पार्टी के प्रवक्ता पीएल पुनिया ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने (सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद) कमजोर हो चुके एससी-एसटी एक्ट को लागू करना शुरू कर दिया है. उन्होंने यह दावा भी किया कि सरकार ने ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी बात कही है. पुनिया ने कहा, ‘यह भाजपा के दोहरे रवैये और धोखे का साफ सबूत है.’