एक नाबालिग युवती के यौन शोषण के मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम को जेल में ही सजा सुनाई जाएगी. राजस्थान हाईकोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी है. आसाराम की सजा को लेकर राजस्थान पुलिस ने हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई थी. इस याचिका में उसने कहा था कि फैसले के दिन बड़ी संख्या में आसाराम के समर्थक कोर्ट पहुंच सकते हैं और शांति-व्यवस्था प्रभावित कर सकते हैं.

मंगलवार को जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास और रामचंद्र सिंह झाला ने इस याचिका पर सुनवाई की. दो जजों की बेंच ने इस पर मंजूरी दे दी. इसके साथ ही बेंच ने जोधपुर सेंट्रल जेल, पुलिस और जिला प्रशासन को जेल में की जाने वाली सुनवाई के लिए जरूरी बंदोबस्त करने के निर्देश भी दिए. हाईकोर्ट ने जोधपुर के पुलिस आयुक्त को सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद करने के और अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती के आदेश भी दिए हैं.

आसाराम पर अपने ही आश्रम में एक नाबालिग के यौन शोषण का आरोप है. इस मामले की सुनवाई जोधपुर की ही एससी-एसटी की एक विशेष अदालत ने की है. अंतिम सुनवाई इसी महीने की सात तारीख को पूरी हो गई. अब 25 अप्रैल को इस मामले में फैसला सुनाया जाना है.