राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आपराधिक कानून संशोधन-2018 अध्यादेश को मंजूरी दे दी है. इसके तहत 12 साल तक के मासूमों से बलात्कार पर फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले बीते शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट ने इस अध्यादेश को मंजूरी दी थी. इस अध्यादेश के जरिए बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (पोक्सो) सहित कई कानूनों में सख्त बदलाव किए गए हैं. इसके अलावा महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस के सी-60 कमांडो ने 16 नक्सलवादियों को मार गिराया है. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. पुलिस के दावे के मुताबिक मारे गए नक्सलियों में 50-50 लाख के इनामी साईनाथ और सीनू भी शामिल हैं.

गलत बयानबाजी को लेकर मीडिया को दोष देना सही नहीं : नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेतुकी बयानबाजी करने वाले भाजपा के नेताओं को आगाह किया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक नमो एप के जरिए भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ‘कभी-कभार हम कहते हैं कि मीडिया ने यह किया है, वह किया. यह मीडिया की गलती नहीं है. कभी-कभी हमारी गलती से मीडिया को मसाला मिल जाता है.’ प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘जैसे ही हम कैमरा देखते हैं तो बोलना शुरू कर देते हैं, तब आधे-अधूरे वाक्य सामने आते हैं.’ नरेंद्र मोदी ने पार्टी जनप्रतिनिधियों से कहा है कि जिनका बोलने का काम है, यह उन्हें करने दे. इससे पहले एक भाजपा नेता ने कठुआ मामले में पाकिस्तान का हाथ होने और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव देब ने महाभारत काल में इंटरनेट होने की बात कही थी.

सीताराम येचुरी लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए सीपीएम महासचिव चुने गए

सीताराम येचुरी को लगातार दूसरी बार सीपीएम महासचिव के लिए चुना गया है. बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक उनका कार्यकाल तीन साल का होगा. पार्टी की शीर्ष निकाय केंद्रीय समिति ने उन्हें निर्विरोध चुना है. इससे पहले संभावना जताई गई थी कि इस पद के लिए पार्टी के अंदर टकराव हो सकता है. हैदराबाद में आयोजित पार्टी कांग्रेस के आखिरी दिन सीताराम येचुरी पार्टी एकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ‘हमारे कार्यकर्ता और प्रतिद्वंदियों के बीच यह संदेश जाना चाहिए कि पार्टी एकजुट है.’ इसे कांग्रेस के लिए भी अच्छी खबर माना जा रहा है क्योंकि येचुरी आने वाले आम चुनावों में कांग्रेस से तालमेल के पैरोकार हैं

विवाह की वैधता साबित करने के लिए केवल मैरिज सर्टिफिकेट ही काफी नहीं : पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने विवाह की वैधता साबित करने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट को पर्याप्त सबूत नहीं माना है. हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी भी विवाह को वैध मानने के लिए हिंदू रीति-रिवाजों से उसका संपन्न होना जरूरी है. साथ ही, इसमें सात फेरे सबसे अहम हैं. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक अदालत ने यह टिप्पणी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए की है. इसमें याचिकाकर्ता ने बताया है कि उसने प्रतिवादी पत्नी के साथ बीती 18 फरवरी को एक मंदिर में शादी कर ली थी. उसने बताया कि विवाह के दौरान सात फेरे और सिंदूर की रस्म दोनों संपन्न हुए थे. साथ ही, उसने मैरिज सर्टिफिकेट भी हाई कोर्ट के सामने रखा. दूसरी ओर, उसकी पत्नी ने मंदिर में सात फेरे होने की बात से इनकार किया है.

आईआईटी के 50 पूर्व छात्रों ने अपनी-अपनी नौकरी छोड़कर बहुजन आजादी पार्टी का गठन किया

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के 50 पूर्व छात्रों ने अपनी-अपनी नौकरी छोड़कर बहुजन आजादी पार्टी का गठन किया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक इस दल का एजेंडा दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना है. बताया जाता है कि समूह ने पार्टी मान्यता के लिए चुनाव आयोग में आवेदन कर दिया है. इस पार्टी का नेतृत्व कर रहे दिल्ली आईआईटी के पूर्व छात्र नवीन कुमार ने बताया, ‘हम जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना चाहते हैं. हमारा मकसद 2019 का लोक सभा चुनाव लड़ना नहीं है. हम 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से शुरुआत करेंगे और फिर अगले लोक सभा चुनाव का लक्ष्य तय करेंगे.’