केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मेघालय से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफस्पा)-1958 को हटा लिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सितंबर 2017 तक मेघालय के 40 फीसदी इलाके में अफस्पा लागू था, लेकिन अब इसे पूरी तरह हटा लिया गया है. वहीं, अरुणाचल प्रदेश के आठ पुलिस स्टेशनों को भी अफस्पा के दायरे से बाहर कर दिया है. 2017 में यहां के 16 पुलिस स्टेशनों में अफस्पा लागू था. गृह मंत्रालय ने सोमवार को इससे जुड़ा गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

अफस्पा के तहत अशांत घोषित होने वाले इलाके पूरी तरह से सेना के नियंत्रण में आ जाते हैं. सेना को उपद्रवियों को निशाना बनाने, उनकी गिरफ्तारी करने और नागरिकों की तलाशी लेने का अधिकार मिल जाता है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक इन इलाकों में उपद्रवी हिंसा में 63 फीसदी की कमी आई है. पूर्वोत्तर में अकेले 2017 में नागरिकों की मौतों में 83 फीसदी और सुरक्षाकर्मियों की मौतों में 40 फीसदी की गिरावट आई है. रिपोर्ट के मुताबिक साल 2000 के मुकाबले 2017 में पूर्वोत्तर में उपद्रवी घटनाएं 85 फीसदी घट गईं. वहीं, 1997 की तुलना में सुरक्षाकर्मियों की मौत के मामले 96 फीसदी कम रहे.

केंद्र सरकार ने मणिपुर, मिजोरम और नगालैंड की यात्रा करने वाले विदेशियों को जारी होने वाले परमिट से जुड़े नियमों में भी छूट दी है. हालांकि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के पर्यटकों को इस छूट से बाहर रखा गया है.