कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर दिख रही है. इस बात की काफी संभावना है कि दोनों दलों में से किसी को भी बहुमत के लायक सीटें न मिलें. टाइम्स नाउ और वीएमआर के ओपिनियन पोल से यह बात निकल कर आ रही है. इसमें कांग्रेस को 31 सीटों का नुकसान और भाजपा को 49 सीटों की बढ़त दिखाई गई है. वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की जेडीएस इस बार किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है.

सर्वे के मुताबिक 224 विधानसभा सदस्यों वाले कर्नाटक में कांग्रेस को इस बार 91 सीटें मिल सकती हैं. भाजपा उससे केवल दो सीटें पीछे रह सकती है और उसे 89 सीटें मिल सकती हैं. यानी दोनों ही पार्टियां सरकार बनाने के लिए जरूरी 113 सीटें नहीं ला पाएंगी. अगर सर्वे सही साबित हुआ तो फिर इस स्थिति में जेडीएस दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. इसके मुताबिक जेडीएस को 40 सीटें मिलने की संभावना है.

वहीं, वोट शेयर की बात करें तो कांग्रेस को पिछली बार के मुकाबले इस बार दो प्रतिशत ज्यादा वोट मिल सकते हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में उसे 36.6 प्रतिशत वोट मिले थे. इस साल उसे 38.6 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है. वहीं, भाजपा के वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी हो सकती है. ओपिनियन पोल के मुताबिक उसे 20 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं. पिछली बार उसे 15 प्रतिशत वोट मिले थे.

इसके अलावा मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे लोकप्रिय उम्मीदवार की बात करें तो मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 46 प्रतिशत लोगों की पसंद के साथ सबसे ऊपर हैं. दूसरे नंबर पर भाजपा के बीएस येदियुरप्पा हैं. उन्हें 32 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद किया है.