शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच से आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को घेरने की कोशिश की है. बुधवार को इस सम्मेलन के विदेश और रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना पड़ोसी देश पर निशाना साधा. सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को विश्व शांति और संपन्नता के साथ मानवाधिकारों का भी सबसे बड़ा दुश्मन बताया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए सिर्फ बातचीत से ही बात नहीं बनेगी बल्कि इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा.

भारतीय विदेश मंत्री ने आगे कहा, ‘हमें ऐसे देशों की पहचान करनी होगी जो आतंकवादियों के लिए पनाहगाह बने हुए हैं. आतंकवाद आज किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि दुनियाभर के लिए चुनौती बन चुका है.’ इसके अलावा सुषमा स्वराज ने एससीओ सम्मेलन को बहुपक्षीय व्यापार, स्वस्थ जीवन और निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने के लिहाज से बड़ा मंच भी बताया.

इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी बीजिंग गई हैं. इनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी इन दिनों वही हैं. खबरों के मुताबिक अजीत डोभाल भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात की भूमिका बनाने के लिए वहां पहुंचे हैं. इन दोनों राष्ट्रप्रमुखों की 27-28 अप्रैल को एक अनौपचारिक मुलाकात होनी है.