नाबालिग से बलात्कार के दोषी आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम के साथ उनके दो सहयोगियों को भी दोषी ठहराया. शिल्पी और शरद नाम के इन दो सहयोगियों को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है. वहीं, दो अन्य आरोपितों को अदालत ने बरी कर दिया. पांच साल पहले आसाराम पर उनके आश्रम में पढ़ने वाली 16 साल की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का आरोप लगा था.

कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कहा है कि उन्हें न्याय मिला है. उन्होंने कहा, ‘मैं हर उस व्यक्ति का धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने इस लड़ाई में हमारा साथ दिया. मुझे उम्मीद है कि इस केस के जिन गवाहों की हत्याएं हुईं उन्हें भी न्याय मिलेगा.’ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस केस में आसाराम के खिलाफ गवाही देने वाले नौ लोगों पर हमले हो चुके हैं. उनमें से तीन गवाहों की मौत भी हो गई थी. उधर, अदालत के फैसले के बाद आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे का कहना था कि वे कानूनी सलाहकारों की उनकी टीम से बातचीत करने के बाद आगे का फैसला लेंगी.

इससे पहले इस मामले में फैसला सुनाने के लिए जोधपुर सेंट्रल जेल में ही कोर्ट रूम बनाए जाने का फैसला किया गया था. जोधपुर अदालत में किसी भी तरह की अप्रिय घटना की संभावना के मद्देनजर जेल में ही अदालत लगाने का फैसला लिया गया था. बुधवार के दिन जेल को पूरी तरह बंद कर दिया गया. सुरक्षा को देखते हुए मीडिया तक को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. इसके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और गुजरात में भी एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है.