केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी ने खुले में शौच से मुक्त होने तक गांवों में निशुल्क चावल का वितरण रोकने का आदेश दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शनिवार को उन्होंने कहा कि जब तक गांव खुले में शौच से मुक्त नहीं हो जाते, वहां निशुल्क चावल का वितरण नहीं किया जाएगा. किरण बेदी ने यह भी कहा है कि स्थानीय प्रशासन को खुले में शौच से मुक्त होने का प्रमाणपत्र देना होगा, जिसकी पड़ताल के बाद निशुल्क चावल का वितरण दोबारा शुरू किया जाएगा. उपराज्यपाल किरण बेदी ने स्थानीय प्रशासन को इसके लिए चार हफ्ते का समय दिया है, जो 31 मई को समाप्त हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा है कि तब तक निशुल्क वितरण के चावल को सुरक्षित रखा जाएगा.

उपराज्यपाल किरण बेदी ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी को संबोधित करते हुए पत्र भी लिखा है. इसमें उन्होंने कहा है कि स्थानीय विधायक जनता के दूसरे मुद्दों को उठाने में जैसा उत्साह दिखाते हैं, उनमें वैसा उत्साह स्वच्छता अभियान में भागीदारी को लेकर नहीं दिखाई देता है. उपराज्यपाल आगे कहा कि वे स्वच्छ भारत मिशन के तहत पुडुचेरी के गांवों को साफ-सुथरा बनाने की कोशिशों के बावजूद ग्रामीण स्वच्छता की सुस्त रफ्तार देखकर काफी दुखी हैं.

उपराज्यपाल ने खुले में शौच और कचरे की समस्या से जल प्रदूषण होने और इससे बीमारियों के फैलने का खतरा बताया है. किरण बेदी का यह भी कहना है कि उन्होंने निशुल्क चावल वितरण रोकने का कदम लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करने के लिए उठाया है.