अमेरिकन ऑटोमोबाइल कंपनी फोर्ड ने भारत में बिल्कुल नई क्रॉस-हैचबैक ‘फ्रीस्टाइल’ लॉन्च कर दी है. पिछले कुछ सालों से भारतीय बाजार में क्रॉस-हैचबैक सेगमेंट की मांग में जबरदस्त तेजी आई है, लेकिन फोर्ड के पास इस सेगमेंट में कोई कार नहीं होने की वजह से न सिर्फ ग्राहक निराश होते थे, बल्कि एक महत्वपूर्ण सेगमेंट को पूरी तरह से खाली छोड़ने की वजह से कंपनी को भी खासा नुकसान हो रहा था. भारत में फ्रीस्टाइल के आने से माना जा रहा है कि टोयोटा इटिऑस क्रॉस, फीएट अवेंचुरा और ह्युंडई आई-20 ऐक्टिव जैसी कारों की चुनौती बढ़ सकती है.

ग्राहकों को लुभाने के लिए फोर्ड ने फ्रीस्टाइल (पेट्रोल) के लिए 5.09 लाख रुपए जैसी आकर्षक शुरुआती कीमत तय की है जो 6.94 लाख रुपए तक जाती है. यदि आप इस कार का डीज़ल वेरिएंट खरीदना चाहते हैं तो इसके अलग-अलग मॉडल के हिसाब से आपको 6.09 लाख रुपए से लेकर 7.89 लाख रुपए तक की कीमत अदा करनी होगी. कंपनी ने फ्रीस्टाइल के पेट्रोल और डीज़ल, दोनों विकल्पों के चार वेरिएंट- एंबिएंट, ट्रेंड, टाइटेनियम और टाइटेनियम प्लस लॉन्च किए हैं.

लुक्स की बात करें तो कंपनी की ही हैचबैक फीगो पर आधारित होने के बावजूद फ्रीस्टाइल डिज़ायन के मामले में उससे बिल्कुल अलग है. कार के अगले और पिछले हिस्से में नए बंपर के साथ प्लास्टिक क्लैडिंग और प्लास्टिक स्किड प्लेट्स लगाई गई हैं. फ्रीस्टाइल में 4-स्पोक वाले 15-इंच व्हील्स दिए गए हैं जो इस कार को स्पोर्टी के साथ बड़ा दिखाने में मदद करते हैं. फ्रीस्टाइल के सस्पेंशन भी फिगो से काफी बड़े हैं जिनकी मदद से इस कार का ग्राउंड क्लियरेंस 190 एमएम है जो सेगमेंट के लिहाज से बेहतरीन कहा जा सकता है.

फ्रीस्टाइल के भीतर झांकें तो कई रंगों से सजा इंटीरियर कार को बिल्कुल फ्रेश फील देता है. यहां आपको बिल्कुल नया हाई डेफिनेशन टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम देखने को मिलता है जो फोर्ड के सिंक-3 के साथ एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो जैसे फीचर्स से लैस है. फ्रीस्टाइल के साथ जुड़ा फोर्ड का टैग इस कार की मजबूती का स्तर बताने के लिए काफी है. एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) के साथ ट्रैक्शन कंट्रोल और डुअल एयरबैग्स जैसे फीचर्स इसे और सेफ बनाते हैं.

परफॉर्मेंस के लिहाज़ से देखें तो फ्रीस्टाइल के पेट्रोल वेरिएंट में ड्रैगन फैमिली का 1.2-लीटर क्षमता वाला इंजन दिया गया है जो 6500 आरपीएम पर 96 एचपी की पावर जनरेट करने के साथ 4250 आरपीएम पर 120 एनएम का अधिकतम टॉर्क पैदा कर सकता है. कंपनी की मानें तो यह इंजन 19 किमी/लीटर की माइलेज देने में सक्षम है. वहीं कार के डीज़ल वेरिएंट की बात करें तो इसमें कुछ ही समय पहले फोर्ड की नई इकोस्पोर्ट के साथ दिया गया 1.5-लीटर क्षमता वाला 3-सिलेंडर इंजन दिया गया है जो 99 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 215 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करता है. कंपनी का दावा है कि फ्रीस्टाइल का डीज़ल वेरिएंट 24.4 किमी/लीटर की माइलेज देने में सक्षम है.

टोयोटा की यारिस बाजार में आने को तैयार

जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने भारत में अपनी बिल्कुल नई सेडान ‘यारिस’ लॉन्च कर दी है. जानकार इस कार को कंपनी की ही सेडान कोरोला का छोटा रूप बता रहे हैं. यदि आप यारिस को खरीदना चाहते हैं तो टोयोटा की किसी भी नज़दीकी डीलरशिप पर पचास हजार रुपए की टोकन मनी देकर इस कार को बुक करवा सकते हैं. कंपनी से जुड़े लोगों का कहना है कि अगले महीने से यारिस की डिलीवरी शुरु कर दी जाएगी. बाजार में आने के बाद यारिस का मुकाबला होंडा सिटी और ह्युंडई वर्ना जैसी कारों से हो सकता है. कंपनी ने यारिस की शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 8.75 लाख रुपए तय की है जो कार के टॉप मॉडल के लिए 14.07 लाख रुपए तक जाती है.

लुक्स की बात करें तो टोयोटा इंडिया ने यारिस को अपनी ग्लोबल डिज़ायन लैंग्वेज पर बनाया है. कार में 7-एयरबैग्स, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑल व्हील्स डिस्क ब्रेक, छत पर लगी एसी वेंट्स और एलईडी हाईलाइट, ईबीडी के साथ एबीएस, स्टेबिलिटी कंट्रोल, ऑटो प्रोजैक्टर हैडलैंप्स, अलॉय व्हील्स, शार्क फिन एंटीना, रियर कैमरा, टचस्क्रीन नेविगेशन, फॉक्स लैदर सीट्स, क्रूज़ कंट्रोल, सीवीटी में पैडल शिफ्ट और स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल्स जैसे फीचर्स मुहैया कराए गए हैं.

कंपनी ने नई यारिस में एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स, एलईडी पार्किंग लाइट्स, 15-इंच अलॉय व्हील्स और बेहतरीन स्टाइल के साथ बेहतर व्हीलबेस और आरामदायक केबिन दिया है. कार में एलईडी टेललाइट्स भी दी गई हैं. टोयोटा की नई यारिस में 1.5-लीटर का डुअल वीवीटी-आई पेट्रोल इंजन लगाया गया है जो 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड सीवीटी ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से लैस किया है.

रेनो भी इलेक्ट्रिक कार बनाएगी

फ्रेंच ऑटोमोबाइल कंपनी रेनो भारतीय बाजार में अपनी इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने का मन बना रही है. अभी तक चर्चा थी कि इस इलेक्ट्रिक कार को कंपनी सिर्फ चीन में लॉन्च करेगी, लेकिन भारतीय बाजार से जुड़ी लगभग सभी प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन तैयार करने की वजह से रेनो भी अपनी इस कार को भारत में लॉन्च करना चाहती है.

खबरों की मानें तो कंपनी की लोकप्रिय हैचबैक क्विड के प्लेटफॉर्म पर तैयार होने वाली इस कार को बनाने के लिए रेनो ने गुरुग्राम की रीको मोटर्स से हाथ मिलाया है. बताया जा रहा है कि रीको मोटर्स रेनो को इलेक्ट्रिक कार के पार्ट्स उपलब्ध करवाएगी. जानकारों का कहना है कि मेक-इन-इंडिया स्कीम का फायदा लेने के लिए रेनो इस कार को चेन्नई स्थित अपने प्लांट में तैयार करेगी जिसकी वजह से इस कार की कीमत कम रहने की भी संभावना है. कंपनी से जुड़े लोगों के मुताबिक एक बार क्विड का इलेक्ट्रिक वर्जन लॉन्च होने के बाद रेनो अपनी दूसरी लोकप्रिय कारों के भी इलेक्ट्रिक वर्जन लॉन्च कर सकती है.

जानकार कंपनी की इस पूरी कवायद को भारत सरकार की 2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्भर होने की नीति से जोड़कर देख रहे हैं. कहा जा रहा है कि इन गाड़ियों के बाजार में आ जाने से लगातार बढ़ रही वायु प्रदूषण की समस्या से निश्चित तौर पर निजात मिलेगी. लेकिन ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो तो भारत जैसे देश में जहां अभी तक हजारों गांवों तक बिजली नहीं पहुंची है, वहां इस तरह की उम्मीदें दूर की कौड़ी हैं. उनके मुताबिक सरकार की यह पहल नार्वे, नीदरलैंड और जर्मनी की महज नकल मात्र है जो बिजली जैसी मूलभूत सुविधा के क्षेत्र में भारत से कहीं आगे हैं.