सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफ़ी वायरल है. इसमें एक व्यक्ति को कठुआ गैंगरेप और हत्या मामले का आरोपित बताया गया है. दावा है कि आरोपित एक मुसलमान है जिसका नाम है मोहम्मद इलियास. वीडियो के बहाने इस मामले में पीड़ित परिवार को इंसाफ़ और आरोपितों को सज़ा दिलाने की मांग करने वालों पर निशाना साधा गया है. वीडियो को लेकर जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया है कि उससे यही लगता है कि एक ख़ास वर्ग बलात्कार जैसे मामले को भी हिंदू-मुस्लिम की नज़र से देख रहा है.

इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, ‘आख़िर पकड़ा ही गया (पीड़िता का नाम) का हत्यारा. (पीड़िता के) मरने के बाद (उसे) मन्दिर के पास फेंकने वाला शान्ति दूत मोहम्मद इलियास पुलिस के हत्थे चढ़ा! #अब_कहां_मर_गए_वो_मोमबत्ती_गैंग वाले.’

बलात्कार हो या हत्या, किसी भी अपराध को धर्म की नज़र से नहीं देखा जाना चाहिए. हम यहां तथ्यों के आधार और इस वीडियो के ज़रिये फैलाई जा रही ग़लत जानकारी के मद्देनज़र बता रहे हैं कि कठुआ गैंगरेप मामले का कोई भी आरोपित मुस्लिम समुदाय से नहीं है. आरोपितों में ‘देवीस्थान’ मंदिर का सेवादार संजी राम, उसका नाबालिग़ भतीजा और बेटा विशाल जंगोत्रा, चार पुलिसकर्मी (दीपक खजूरिया, सुरिंदर कुमार, आनंद दत्ता और तिलक राज) और परवेश कुमार नाम का एक और आरोपित शामिल है. नाबालिग़ को छोड़कर सभी आरोपित जेल में हैं. फिर यह मोहम्मद इलियास नाम का आरोपित कहां से आ गया जिसका पुलिस की चार्जशीट में कहीं कोई ज़िक्र नहीं है?

ये बातें इस वीडियो को लेकर किए गए दावे पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. वहीं, वीडियो में दिख रहीं कुछ चीज़ों पर ग़ौर करें तो पता चल जाता है कि यह वीडियो जम्मू-कश्मीर का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश का है. वीडियो की शुरुआत में आरोपित और उसे ले जा रहे पुलिसकर्मियों के पीछे एक बोर्ड देखा जा सकता है जिस पर लिखा है ‘आरक्षी केंद्र हनुमानगंज, ज़िला भोपाल, म प्र’ यानी मध्य प्रदेश.

इससे यह काफ़ी हद तक साफ़ हो गया कि यह वीडियो जम्मू-कश्मीर का तो नहीं है. बता दें कि संजी राम के बेटे विशाल जंगोत्रा को छोड़ कर किसी भी अन्य आरोपित का किसी और राज्य से संबंध होने की कोई रिपोर्ट नहीं है. खबरों के मुताबिक बच्ची को जिस समय मंदिर में लाया गया था उस समय विशाल मेरठ में था. बाद में नाबालिग़ आरोपित के फ़ोन करने पर वह भी कठुआ पहुंचा था.

वायरल वीडियो में बोर्ड के अलावा आरोपित और पुलिसकर्मियों की दाईं तरफ़ खड़े एक ट्रक को भी देखा सकता जा है जिसकी नंबर प्लेट की शुरुआत ‘MP’ से होती है. यानी ट्रक मध्य प्रदेश का है.

इसके अलावा बीती पांच अप्रैल को ईनाडुइंडियाडॉटकॉम ने इस वीडियो से जुड़ी सही ख़बर दिखाई थी. वेबसाइट ने बताया था कि भोपाल के हनुमानगंज थाना इलाक़े के वाजपेयी नगर के निवासी मोहम्मद नजीब (इलयास नहीं) ने एक नाबालिग़ लड़की से घर में घुसकर छेड़छाड़ की थी. कुछ मीडिया रिपोर्टों में बलात्कार की बात भी कही गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ नजीब उत्तर प्रदेश के इटावा का रहने वाला है. वह घटना के बाद कई दिनों से फ़रार चल रहा था. खबरों के मुताबिक बाद में जब वह पुलिस के हत्थे चढ़ा तो उसका जुलूस निकाला गया. इसी दौरान कुछ लोगों ने उसके चेहरे पर कालिख़ पोत दी और कुछ महिलाओं ने उसकी चप्पलों से पिटाई भी की. बाक़ी जानकारी ख़बर पर जाकर ली जा सकती है.

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