बीते साल वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद पहली बार एक महीने में राजस्व वसूली का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. केंद्रीय वित्त मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल में 1.03 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई है. इसमें 32,493 करोड़ रुपए सेंट्रल जीएसटी से मिले तो वहीं 40,257 करोड़ रुपए स्टेट जीएसटी से हासिल हुए.

उधर, हवाई यात्रियों को भारतीय उड़ान क्षेत्र में भी जल्दी ही फोन कॉल और इंटरनेट की सुविधा मिल सकेगी. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने कहा कि इन सेवाओं का इस्तेमाल विमान के 3000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही किया जा सकेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस सेवा को शुरू होने में अभी तीन से चार महीने लगेंगे.

सुप्रीम कोर्ट की मौजूदा स्थिति विनाशकारी : पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) आरएम लोढ़ा ने शीर्ष न्यायालय की मौजूदा स्थिति को विनाशकारी बताया है. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के मौके पर उन्होंने कहा है, ‘मुख्य न्यायाधीश मास्टर ऑफ रोस्टर होते हैं लेकिन मामलों का बंटवारा उचित और संस्था के हित में होना चाहिए.’ साथ ही, पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने न्यायपालिका की आजादी से कोई समझौता न करने की वकालत की है. उन्होंने आगे कहा, ‘न्यायाधीशों का नजरिया अलग हो सकता है लेकिन उन्हें सुप्रीम कोर्ट को आगे ले जाने के लिए एक साझा जमीन तलाशनी होगी. इसी से न्यायापालिका की स्वतंत्रता को बहाल रखा जा सकता है.’

मोबाइल सिम हासिल करने के लिए आधार के साथ दूसरे पहचान पत्र भी मान्य : केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने मोबाइल सिम हासिल करने के लिए आधार की अनिवार्यता को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक सरकार ने दूरसंचार कंपनियों से आधार कार्ड की जगह अन्य पहचान पत्र भी स्वीकार करने के लिए कहा है. इनमें ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और वोटर आईडी कार्ड शामिल हैं. दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने बताया कि कंपनियों को इस निर्देश का जल्द से जल्द पालन करने को कहा गया है जिससे ग्राहकों को परेशानी न हो. इससे पहले बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि उसने मोबाइल सिम हासिल करने के लिए आधार को अनिवार्य करने का कोई आदेश नहीं दिया था.

18 साल बाद बिहार का रणजी ट्रॉफी में खेलने का रास्ता साफ

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बिहार क्रिकेट टीम का रणजी ट्रॉफी में खेलने का रास्ता साफ कर दिया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक अब बिहार 18 साल बाद इस अहम घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा ले पाएगा. शीर्ष अदालत ने यह भी कहा है कि इस साल सितंबर से बिहार की टीम सभी टूर्नामेंटों में हिस्सा ले सकेगी. बताया जाता है कि शीर्ष अदालत ने यह आदेश क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार की याचिका पर दिया है. इसमें कहा गया था कि बीती चार जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की रणजी और अन्य टूर्नामेंट में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का आदेश दिया था, लेकिन बीसीसीआई ने विजय हजारे ट्रॉफी और आईपीएल में राज्य के खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया.

बलात्कार की घटनाओं के लिए माता-पिता जिम्मेदार : भाजपा विधायक

उत्तर प्रदेश के भाजपा विधायक ने बलात्कार की घटनाओं को लेकर माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया है. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह का मानना है कि बच्चों को घर से बाहर घूमने की छूट नहीं देनी चाहिए. साथ ही, उन्होंने कहा कि बच्चों को मनचाही आजादी नहीं देनी चाहिए. इससे पहले भी सुरेंद्र सिंह बलात्कार की घटनाओं पर कई विवादास्पद बयान दे चुके हैं. उन्होंने ही उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आने पर कहा था कि तीन बच्चों की मां के साथ कोई बलात्कार नहीं कर सकता. इसके अलावा उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चों को मोबाइल फोन नहीं देने का सुझाव दिया था.