उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री मून जे इन की एक मुलाकात ने लोगों की सोच बदल दी है. बताया जा रहा है कि इस मुलाकात के बाद दक्षिण कोरिया के करीब 80 प्रतिशत नागरिक किम जोंग उन पर भरोसा करने लगे हैं. शुक्रवार को दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद कोरिया रिसर्च सेंटर द्वारा कराए गए एक सर्वे में यह बात निकलकर आई. यह इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि केवल डेढ़ महीने पहले कराए गए एक सर्वे में मात्र 10 प्रतिशत लोगों ने किम जोंग उन में विश्वास दिखाया था. वहीं, एक हफ्ते पहले कराए गए एक पोल में 35 प्रतिशत लोगों ने कहा कि किम जोंग उन और मून जे इन की मुलाकात की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्ति मिल गई.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर व दक्षिण कोरिया के संबंधों में सुधार लाने के मामले में अब किम का समर्थन करने वालों की संख्या मून जे इन के आसपास हो गई है. पोल के मुताबिक 86 प्रतिशत दक्षिण कोरियाई नागरिक मून जे इन पर विश्वास करते हैं. मून पिछले साल दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति बने हैं. उन्हें दक्षिण कोरिया के इतिहास का सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति बताया जा रहा है. दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अब सवाल किया जा रहा है कि क्या किम जोंग उन के लिए लोगों की यही सकारात्मक राय उनकी डोनाल्ड ट्रंप से होने वाली संभावित मुलाकात के बाद भी बनी रहेगी.

बता दें कि बीते शुक्रवार को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून जे इन के साथ ऐतिहासिक मुलाकात की थी. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. इसके बाद एक साझा घोषणा पत्र जारी किया गया जिसमें दोनों देशों ने कोरियाई प्रायदीप में स्थायी शांति स्थापित करने के साथ निरस्त्रीकरण की दिशा में बढ़ने पर सहमति जताई. दोनों देशों के नेताओं ने माना कि कोरियाई प्रायद्वीप में अब युद्ध नहीं होगा और शत्रुता का अंत करते हुए दोनों देश शांतिपूर्ण संबंधों को अहमियत देंगे. इस साझा घोषणा पत्र को जारी करने के बाद किम जोंग-उन और मून जे-इन एक-दूसरे के गले भी लगे.