साल 2008 में मुंबई पर हुए 26/11 के आतंकी हमले के मुख्य साज़िशकर्ता हाफिज़ सईद को दुनिया आतंकी मानती है. लेकिन पाकिस्तान नहीं मानता. बल्कि वहां तो उसे राष्ट्रीय राजनीति में असर बढ़ाने के मौके दिए जा रहे हैं. इसी प्रक्रिया के तहत सईद ने हाल में ही अपनी नई पार्टी बनाई है और अब अगले संसदीय चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहा है. अपनी तैयारी के तहत सईद पाकिस्तानी सिखों का समर्थन हासिल करने की जुगत भी भिड़ा रहा है.

द एशियन एज़ के मुताबिक सईद ने हाल में ही लाहौर से क़रीब 80 किलोमीटर दूर ननकाना साहिब में सिख समुदाय के सदस्यों के साथ विशेष बैठक की है. इस बैठक में मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) का प्रमुख सैफ़ुल्लाह खालिद भी सईद के साथ था. जबकि सिख समुदाय की अगुवाई पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव जनरल गोपाल सिंह चावला कर रहे थे. बताया जाता है कि दोनों पक्षों में यह बैठक ननकाना साहिब स्थित जेयूडी (जमात-उद-दावा) के दफ़्तर में हुई थी. ननकाना सहिब वह जगह है जहां सिख समुदाय अच्छी ख़ासी संख्या में रहता है. यह स्थान सिखों के लिए धार्मिक महत्व का भी है.

ग़ौरतलब है कि सईद ने ही एमएमएल का गठन किया है. इस पार्टी को सईद के आतंकी संगठन- जेयूडी का राजनीतिक चेहरा कहा जा रहा है. हालांकि एमएमएल को अब तक चुनाव आयोग ने मान्यता नहीं दी है क्योंकि गृह मंत्रालय ने इस पर आपत्ति लगाई हुई है. इसके बावज़ूद सईद इसके ज़रिए अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने की तैयारियां जोर-शोर से कर रहा है. इन्हीं तैयारियों के तहत सईद पाकिस्तानी सिखों को अपनी तरफ़ करने की कोशिश भी कर रहा है. उसने बैठक के बाद बयान भी जारी किया. इसमें कहा, ‘सिख बहादुर क़ौम है. लेकिन उनके साथ हिंदुस्तान में लगातार अन्याय और अत्याचार हो रहा है.’