दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में भारत के 14 शहर शामिल हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने यह सूची 4,300 शहरों की हवा में पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कणों की मौजूदगी का अध्ययन करने के बाद बनाई है. इसमें दिल्ली, वाराणसी, कानपुर, फरीदाबाद, गया, पटना, आगरा और मुजफ्फरपुर शामिल हैं. सूची के हिसाब से कानपुर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है.

रॉयटर्स की खबर के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने भारत को सलाह दी है कि वह अपने शहरों के प्रदूषण को रोकने के लिए चीन जैसे कदम उठाए. डब्ल्यूएचओ की निदेशक मारिया नेरा का कहना है कि चीन ने अपने शहरों का प्रदूषण कम करने के लिए कई प्रभावशाली कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा, ‘हमें खुशी होगी अगर भारत में भी इसी तरह की मुहिम देखने को मिले. भारत उन देशों में शामिल है जिन्हें लेकर हम विशेष रूप से चिंतित हैं. हालांकि कुछ अच्छे कदम उठाए गए हैं, लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी भी बहुत ज्यादा है.’

डब्ल्यूएचओ के डेटा के मुताबिक दुनिया में 10 में से नौ लोग सांस के जरिये प्रदूषित हवा ले रहे हैं. डेटा से यह भी पता चलता है कि दुनिया में हर साल करीब 70 लाख लोग प्रदूषण की वजह से असमय मौत का शिकार होते हैं. एशिया और अफ्रीका के गरीब देशों में ऐसी मौतें सबसे ज्यादा होती हैं. प्रदूषण की वजह से जो बीमारियां लोगों की जान लेती हैं उनमें दिल की बीमारियां और फेफड़ों का कैंसर शामिल हैं.