पत्रकार ज्योतिर्मय डे हत्या मामले में मुंबई स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने फैसला सुना दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बुधवार को अदालत ने गैंगेस्टर राजेंद्र निखलजे उर्फ छोटा राजन समेत नौ लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई है. इससे पहले अदालत ने इन सभी लोगों को हत्या, आपराधिक साजिश रचने और महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत दोषी ठहराया था. इसके अलावा पत्रकार जिग्ना वोरा और जोसेफ पॉल्सन को सभी आरोपों से बरी कर दिया था.

लोक अभियोजक प्रदीप घराट ने इन दोषियों के प्रति कोई दया दिखाने और सख्त से सख्त सजा देने की मांग की थी. उनका कहना था कि पत्रकार पर हमला लोकतंत्र के चौथे खंभे पर हमला था. वहीं, बचाव पक्ष के वकील का कहना था कि यह दुर्लभ मामला नहीं है, इसलिए दोषियों को मौत की सजा नहीं देनी चाहिए.

अंग्रेजी अखबार मिड-डे के पत्रकार ज्योतिर्मय डे की 11 जून, 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वे मुंबई से पवई अपने घर जा रहे थे. इस मामले में मुंबई पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था और उन पर गैंगेस्टर छोटा राजन के इशारे पर पत्रकार जे डे की हत्या करने का आरोप लगाया था. हालांकि, 2015 में छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी. सीबीआई ने अपनी पूरक चार्जशीट में छोटा राजन पर पत्रकार जे डे की प्रस्तावित किताब और लेखों के लिए हत्या करवाने का आरोप लगाया था. जांच एजेंसी के मुताबिक गैंगेस्टर का मानना था कि जे डे की किताब और लेखों में उसकी छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है.