देश में विमानन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की अपनी योजना के तहत सरकार ने बुधवार को एक अहम फैसला किया. इस फैसले में केंद्रीय कैबिनेट ने चेन्नई, लखनऊ और गुवाहाटी हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल बनाने के लिए अपनी मंजूरी दी. खबरों के मुताबिक इन टर्मिनलों को बनाने पर पर करीब पांच हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

बताया जाता है कि देश का विमानन क्षेत्र 20 प्रतिशत की तेजी के साथ बढ़ रहा है. इसी साल मार्च में 1.16 करोड़ यात्रियों के साथ इसकी वृद्धि दर 28 प्रतिशत तक की आंकी गई थी. नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु का कहना है, ‘विमानन क्षेत्र की विकास दर को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं की तरफ विशेष ध्यान दिया जा रहा है. यात्रियों को हवाई यात्रा का बेहतरीन अनुभव कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.’

उन्होंने आगे बताया कि चेन्नई हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल के निर्माण पर 2467 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. नई इमारत हर साल साढ़े तीन करोड़ यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने की क्षमता वाली होगी. इसी तरह लखनऊ हवाई अड्डे के नए टर्मिनल की सालाना क्षमता 1.36 करोड़ यात्रियों की होगी. वहां टर्मिनल के निर्माण पर 1232 करोड़ रुपये का खर्च किया जाएगा. देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से को शेष भारत से जोड़ने वाले गुवाहाटी हवाई अड्डे पर भी एक नया टर्मिनल बनाया जाएगा. इस पर 1383 करोड़ रुपये का आनुमानित खर्च होगा. इसकी सालाना क्षमता 90 लाख यात्रियों की होगी.