प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ का ज़वाब जनता दल-सेकुलकर (जद-एस) के प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने भी उसी अंदाज़ में दिया है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को ‘स्मार्ट राजनेता’ और लोगों को ‘राजी कर लेने में माहिर’ बताया. कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान हुबली में मीडिया से बात करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा ने कहा, ‘जब 2014 में भाजपा को लोक सभा में पूर्ण बहुमत मिला तो मैं सदन की सदस्यता से इस्तीफ़ा देने वाला था. इसकी वज़ह ये थी कि मैंने उस वक़्त चुनाव से पहले कहा था कि भाजपा सत्ता में आई तो मैं लोक सभा में नहीं रहूंगा. लेकिन जब मैं इस्तीफ़ा देने लगा तो प्रधानमंत्री मोदी ने रोक लिया.’

देवेगौड़ा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने मुझसे कहा कि देश को अनुभवी नेताओं की सेवा की ज़रूरत है. और उनकी बात मानते हुए मैंने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला बदल दिया.’ उन्होंने आगे भी नरेंद्र मोदी की तारीफ़ करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री को पता है कि कर्नाटक में क्या हाे रहा है. वे यह भी जानते हैं कि राहुल गांधी ने मेरे बारे में क्या कहा है. इस पृष्ठभूमि में अगर वे मेरी प्रशंसा करते हैं तो सिर्फ़ इसलिए क्योंकि उनके मन में मेरे लिए सम्मान है. उन्होंने मेरे बारे में जाे कहा वह सब सही है. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं लगाया जाना चाहिए कि मेरे उनके साथ अब कोई मतभेद नही रहे.’

देवेगौड़ा के मुताबिक, ‘मैं उनसे (मोदी से) चार-पांच बार मिला. उनसे किसानों की समस्याओं का हल निकालने की अपील की. महादायी नदी के पानी के बंटवारे की समस्या का समाधान ढूंढने को भी कहा. उन्होंने मेरी बातों को ध्यान से सुना पर किया कुछ नहीं. मुझे उम्मीद थी कि चुनाव प्रचार के दौरान वे इन मसलों पर कुछ बोलेंगे लेकिन उन्होंने अब तक हुई अपनी चुनावी रैलियों में भी कुछ नहीं कहा.’ उन्होंने इस दौरान भाजपा-जद-एस के बीच संभावित गठबंधन से इंकार कर दिया. अलबत्ता दोनों पार्टियों में आपसी रणनीतिक समझ होने का संकेत ज़रूर दिया यह कहते हुए कि ‘जद-एस और भाजपा के नेता एक-दूसरे की आलोचना नहीं करते.’