द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि हाल के समय में हिंदू धर्म के आदर्शों को सबसे ज्यादा नुकसान इन्हीं दोनों संगठनों ने पहुंचाया है. स्वरूपानंद सरस्वती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, ‘यह हैरानी की बात है कि भागवत हिंदू धर्म के बारे में कुछ नहीं जानते.

स्वरूपानंद सरस्वती का आगे कहना था, ‘भागवत कहते हैं कि हिंदुओं में शादी एक समझौता है, जबकि यह पूरी जिंदगी का साथ होता है. भागवत कहते हैं कि जो भारत में पैदा हुआ वो हिंदू है. तो इंग्लैंड और अमेरिका में हिंदू माता-पिता से पैदा लोगों को क्या कहेंगे?’

द्वारकापीठ के शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता बीफ के सबसे बड़े निर्यातक हैं. उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ भाजपा खुद को गोहत्या विरोधी बताते हुए बीफ निर्यात को देश की छवि पर धब्बा भी बताती है. उन्होंने कहा कि इससे भाजपा का दोहरा चरित्र जाहिर होता है.

स्वरूपानंद सरस्वती पहले भी भाजपा पर हमले करते रहे हैं. हाल में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने पर भी उन्होंने पार्टी पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्वार्थ सिद्ध करने के लिए ऐसे लोगों को राज्य मंत्री का दर्जा दे रही है जिन्हें लोग जानते तक नहीं.