इस ख़बर से कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी की चुनावी संभावनाओं का कुछ तो संकेत मिल ही सकता है. सूत्रों ने बताया है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों की संख्या बढ़ा दी गई है. अब वे नौ मई तक वहां चुनावी रैलियों को संबोधित करते रहेंगे. यानी 12 मई को होने वाले मतदान से तीन दिन पहले तक.

हिंदुस्तान टाइम्स को भाजपा के दो बड़े नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया है कि कर्नाटक में प्रधानमंत्री मोदी अब 21 रैलियों को संबोधित करेंगे. जबकि पहले इनकी संख्या 15 ही निर्धारित थी. प्रचार के आख़िरी चरण में पांच से लेकर नौ मई तक लगातार रैलियां होंगी. इन नेताओं के मुताबिक, ‘प्रधानमंत्री की रैलियों को जिस तरह का जनसमर्थन मिल रहा है उसे देखते हुए यह फ़ैसला किया गया है. वे (प्रधानमंत्री मोदी) हमारी इक़लौती उम्मीद हैं. इसलिए पार्टी चाहती है कि वे थोड़ा और समय कर्नाटक के चुनाव को दें.’

इसके साथ ही अख़बार ने दो दिलचस्प तुलनात्मक तथ्य भी सामने रखे हैं. इनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में विधानसभा सीटों की संख्या 403 है लेकिन वहां पिछले साल हुए चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ज़्यादा जोर लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ी. उन्होंने उत्तर प्रदेश में सिर्फ़ 24 रैलियों को ही संबोधित किया था. लेकिन गुजरात में चूंकि भाजपा की हालत कमज़ोर दिख रही थी इसलिए उन्हें वहां 34 रैलियां करनी पड़ीं. जबकि गुजरात में विधानसभा सीटें सिर्फ़ 182 ही हैं. यानी कुछ यही स्थिति कर्नाटक की भी मानी जा सकती है.

हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक प्रभारी पी मुरलीधर राव ऐसी तुलना को ठीक नहीं मानते. उनके मुताबिक, ‘ऐसी तुलना ही अनावश्यक है. भाजपा राज्य में बेहतर नतीज़े लाने जा रही है.’