वस्तु और सेवा कर की वसूली के लिए बनी कंपनी जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) अब पूरी तरह से सरकारी कंपनी बन जाएगी. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार शुक्रवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटी काउंसिल ने जीएसटीएन में 51 फीसदी गैर-सरकारी स्वामित्व को खरीदने की सिफारिश की है. जीएसटी काउंसिल की 27वीं बैठक के बाद उन्होंने कहा कि जीएसटीएन के मूल स्वामित्व ढांचे में 49 फीसदी हिस्सा सरकार के पास था, जिनमें से 24.5 फीसदी केंद्र और 24.5 फीसदी हिस्से में सारे राज्य थे, वहीं बाकी का 51 फीसदी हिस्सा कुछ अन्य संस्थाओं के पास था. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक कुछ हफ्ते पहले उन्होंने ही जीएसटीएन के 51 फीसदी गैर-सरकारी हिस्से को सरकार द्वारा खरीदने और उसे केंद्र व राज्यों में बांट देने का सुझाव दिया था.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि जीएसटीएन के नए स्वामित्व ढांचे में 50 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार के पास रहेगा, जबकि बाकी के 50 फीसदी हिस्से को सारे राज्यों में बांट दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जीएनटीएन में राज्यों के स्वामित्व का फैसला प्रो-रेटा बेसिस पर किया जाएगा. राज्यों को जीएसटी संग्रह में के अनुपात के आधार पर जीएसटीएन में हिस्सेदारी मिलेगी.

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के मुताबिक जीएसटी काउंसिल ने जीएसटीएन में कर्मचारियों की भर्ती संविदा आधार पर करने की व्यवस्था बनाए रखने की सिफारिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि इसका मकसद जीएसटीएन की व्यापक गतिविधियों को देखते हुए योग्य प्रतिभाओं को लाने के लिए जरूरी लचीलापन बनाए रखना है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में बीते एक साल में राजस्व संग्रह पर विस्तार से चर्चा हुई, जिस पर ज्यादातर राज्यों ने संतोष जताया.