रीटेल क्षेत्र की दिग्गज वॉलमार्ट और गूगल की पेरेंट कंपनी एल्फाबेट भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट में करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकते हैं. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक इस सौदे में फ्लिपकार्ट की कीमत करीब 20 अरब डॉलर आंकी गई है. सौदे को अगले एक-दो दिन में अंतिम रूप दिया जा सकता है. इसके बाद अगले हफ्ते इसके बारे में कोई औपचारिक घोषणा की जा सकती है. बताया जाता है कि इस सौदे में 55 से 61 प्रतिशत की हिस्सेदारी वॉलमार्ट को मिलेगी जबकि 10 फीसदी का हिस्सा एल्फाबेट का होगा.

जानकारों के मुताबिक 2007 में स्थापित फ्लिपकार्ट का भारत के 40 फीसदी ऑनलाइन रीटेल बाजार पर कब्जा है. ऐसे में इस कंपनी में हिस्सेदारी के जरिये वॉलमार्ट भारतीय आॅनलाइन कारोबार का एक बड़ा हिस्सा अपने पाले में कर सकती है. फिलहाल फ्लिपकार्ट, वॉलमार्ट और एल्फाबेट ने इस सौदे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है.

फ्लिपकार्ट को खरीदने के लिए आॅनलाइन रीटेल कारोबार की एक अन्य कंपनी अमेजन भी दौड़ में शामिल थी, लेकिन उसे कामयाबी नहींं मिल पाई. अमेरिका में वॉलमार्ट और गूगल की पहले ही साझेदारी हो चुकी है. इसके तहत वॉलमार्ट के उत्पाद एल्फाबेट के ऑनलाइन मॉल गूगल एक्सप्रेस पर बेचे जा रहे हैं. इन उत्पादों को खरीदने के लिए गूगल होम डिवाइसेज के जरिये वॉयस शॉपिंग की सुविधा भी दे रही है. खबरों के मुताबिक गूगल भारत में भी अपने लिए बड़े रीटेल बाजार की संभावनाएं देख रही है. अपने स्मार्ट स्पीकर, प्रीमियम लैपटॉप पिक्सलबुक और स्मार्टफोट को यहां बेचने के लिए उसने एक खास रणनीति भी बनाई है.