नया वित्त वर्ष 2018-19 ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए बेहतरीन शुरुआत लेकर आया है. देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने अप्रैल महीने के दौरान बिक्री में खासी बढ़ोतरी दर्ज की है. देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी की बात करें तो उसने पिछले साल इसी दौरान 1,51,215 यूनिट बेची थीं. इस बार यह बिक्री 14.4 प्रतिशत बढ़कर 1,72,986 यूनिट तक पहुंच गई. इनमें से 1,64,978 गाड़ियों की बिक्री घरेलू बाजार में हुई है जबकि 8008 गाड़ियां बाहर भेजी गई हैं. कंपनी का कहना है कि हैचबैक सेगमेंट की कारों जैसे- स्विफ्ट, इग्निस, सेलेरियो और बलेनो के साथ सेडान डिज़ायर के शानदार प्रदर्शन के चलते उसने यह आंकड़ा हासिल किया है. हालांकि अप्रैल में कंपनी के यूटिलिटी सेगमेंट जिसमें- अर्टिगा, विटारा ब्रेज़ा और एस क्रॉस जैसी गाड़ियां शामिल हैं - की बिक्री में कोई खास ग्रोथ नहीं हुई है. जबकि इसी दौरान कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार ऑल्टो और वैगन-आर की बिक्री में 2.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है.

व्यवसायिक और यूटिलिटी वाहन बनाने के लिए पहचानी जाने वाली महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए भी यह अप्रैल फायदेमंद साबित हुआ है. इस दौरान कंपनी की बिक्री में करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जानकारी के मुताबिक महिंद्रा एंड महिंद्रा ने पिछले महीने 48,097 गाड़ियों की बिक्री की जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 39,417 था. कंपनी का कहना है कि उसकी सवारी गाड़ियों की बिक्री 13 फीसदी बढ़कर 21,927 यूनिट और व्यवसायिक गाड़ियों की बिक्री 26 प्रतिशत बढ़कर 18963 यूनिट रही है. कंपनी के ट्रैक्टरों की बिक्री भी बीते साल की 26,151 यूनिट से 18 प्रतिशत बढ़कर 30,925 यूनिट तक पहुंच गई.

नया वित्तवर्ष सबसे ज्यादा टाटा मोटर्स के लिए फायदेमंद साबित हुआ है. कंपनी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक अप्रैल के दौरान उसके व्यवसायिक और सवारी वाहनों की बिक्री में 86 प्रतिशत का जबरदस्त इज़ाफा दर्ज किया गया है. टाटा मोटर्स के अनुसार इस दौरान वह कुल 53,511 गाड़ियों की बेचने में सफल रही जबकि पिछले साल अप्रैल में उसकी सिर्फ 28,844 गाड़ियों की बिक्री दर्ज की गई थी. इसमें भी यदि कंपनी के व्यवसायिक वाहनों की बात करें तो उनकी बिक्री में 126 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जिनमें मीडियम और हैवी ट्रकों की संख्या सबसे ज्यादा है. वहीं सवारी गाड़ियों की बिक्री में उसने करीब 34 फीसदी की बढ़त हासिल की है. जानकार इसका श्रेय पिछले साल लॉन्च हुई नेक्सन को देते हैं.

वित्त वर्ष 2017-18 में रिकॉर्ड बिक्री के बाद रॉयल एनफील्ड के लिए 2018-19 की शुरुआत भी शानदार रही है. रॉयल एनफील्ड के स्वामित्व वाली कंपनी आयशर के मुताबिक इन दमदार बाइकों की बिक्री में 27 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है जिसके साथ इनकी बिक्री पिछले साल की 8,20,492 की तुलना में 10,66,640 यूनिट रही है. हालांकि इस दौरान इन मोटरसाइकलों के निर्यात में करीब एक प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.

दो पहिया और व्यवसायिक वाहन बनाने के लिए पहचाने जाने वाली बजाज मोटर्स भी अप्रैल के दौरान अपनी बिक्री बढ़ाने में सफल रही है. बजाज ऑटो के मुताबिक इस साल अप्रैल में उसने कुल 3,49,617 बाइकें बेचीं जो पिछले साल से 19 फीसदी ज्यादा है. यदि व्यवसायिक वाहनों की बात करें तो कंपनी ने इस दौरान 65,551 यूनिट बेची हैं जो पिछले साल की बिक्री से 83 प्रतिशत अधिक होने के साथ कंपनी की अब तक की सबसे अधिक मासिक बिक्री है.

नेक्सन का ऑटोमैटिक वेरिएंट लॉन्च

कम समय में बाजार की चहेती बन चुकी टाटा नेक्सन का ऑटोमेटिक वर्जन देश में लॉन्च हो गया है जिसे कंपनी ने ‘हाईपर ड्राइव’ नाम दिया है. नेक्सन को पिछले साल सितंबर में लॉन्च किया गया था. तब से ही यह कार शानदार प्रदर्शन करने में सफल रही है जिसके चलते (सवारी गाड़ी सेगमेंट में) लगातार वापसी की कोशिश कर रही टाटा मोटर्स को भी खासा सहारा मिला है. अब तक नेक्सन की 25,000 यूनिट बिक चुकी हैं जो सेगमेंट के लिहाज से सम्मानजनक आंकड़ा है. ऑटो एक्सपो-2018 में नेक्सन एएमटी की पहली झलक के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि जल्द ही यह कार देश की सड़कों पर दौड़ती नज़र आने वाली है.

खबरों के मुताबिक कंपनी ने फिलहाल नेक्सन के टॉप मॉडल- एक्सज़ेड के साथ ही ऑटोमेटिक गियरबॉक्स उपलब्ध करवाया है. जहां नेक्सन हाईपर ड्राइव में दिया गया क्रीप मोड इसे ट्रैफिक में चलाने चलाते समय स्मूथ बनाता है वहीं हिल असिस्ट सिस्टम इस गाड़ी को पहाड़ों पर ड्राइव करते समय बेहतर कंट्रोल देता है. इसके अलावा इस कार को ऑटो मोड से मैनुअल में बदलने का भी विकल्प दिया गया है. इंजन की बात करें तो कंपनी ने नेक्सन हाईपर ड्राइव में गाड़ी के मौजूदा मॉडल की तरह 1.2-लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजन और 1.5-लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड डीजल इंजन दिया है.

माना जा रहा है कि ऑटोमेटिक वेरिएंट के साथ टाटा नेक्सन फोर्ड इकोस्पोर्ट पेट्रोल डीसीटी और महिंद्रा टीयूवी-300 एएमटी जैसी कारों को कड़ी टक्कर दे सकती है. टाटा मोटर्स ने जहां नेक्सन हाईपर ड्राइव के पेट्रोल वेरिएंट की एक्सशोरूम कीमत 9.41 लाख रुपए तय वहीं इसके डीजल वेरिएंट के लिए आपको 10.3 लाख रुपए (एक्सशोरूम) चुकाने होंगे.

बीएमडब्ल्यू ने मिनी कंट्रीमैन की नई पीढ़ी बाजार में उतारी

लग्ज़री कार बनाने के लिए पहचानी जाने वाली जर्मन कंपनी बीएमडब्ल्यू ने अपनी लोकप्रिय कार मिनी कंट्रीमैन की नई जनरेशन बाजार में उतार दी है. मिनी कंट्रीमैन को बीएमडब्ल्यू ने भारत के बाजार में सबसे पहले 2010 में लॉन्च किया था जिसके बाद से ही यह देश में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी के तौर पर पहचानी जाने लगी. मिनी कंट्रीमैन की नई पीढ़ी से बीएमडब्ल्यू ने इसी साल फरवरी में पर्दा हटाया था.

अपने छोटे आकार की वजह से पहचानी जाने वाली मिनी कंट्रीमैन की यह नई पीढ़ी बाजार में मौजूदा मॉडल से खासी बड़ी है. साथ ही इस कार का व्हीलबेस भी पहले से बढ़ाया गया है. नई कंट्रीमैन को फ्रेश लुक देने के लिए कंपनी ने इसमें फ्लोटिंग रूफ, बड़े आकार के हेडलैंप्स और हैक्सागोनल ग्रिल लगाई है. इस कार की अंडरपिनिंग कंपनी की ही एक्स-1 से ली गई है. फीचर्स के मामले में मिनी कंट्रीमैन-2018 में सेटेलाइट नेविएगेशन सिस्टम, ब्लूटूथ, क्रूज़ कंट्रोल, इमरजेंसी ई-कॉल, एक्टिव गार्ड और ऑप्शनल 8.8 इंच का टचस्क्रीन डिस्पले जैसी खूबियां देखने को मिलती हैं. इस कार के टेललैंप्स और डे-टाइम रनिंग लैंप्स बिल्कुल नई डिज़ाइन के हैं. नई मिनी कंट्रीमैन को क्रॉसओवर लुक देने के लिए कंपनी ने चौड़े व्हील आर्चर्स और ब्लैक प्लास्टिक क्लैडिंग दी है.

कंपनी ने कार को डीज़ल और पेट्रोल दोनों विकल्प के साथ उपलब्ध कराया है. कार के पेट्रोल वेरिएंंट में 2.0-लीटर का चार-सिलेंडर वाला इंजन लगाया गया है जो 189 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 280 एनएम का टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है. इसकी मदद से यह कार महज़ 7.5 सेकंड में ही 0 से 100 किलोमीटर/घंटा की अधिकतम रफ़्तार तक पहुंचने में सक्षम है. वहीं कार के डीज़ल वेरिएंट में 2.0-लीटर का चार-सिलेंडर वाला इंजन लगाया गया है जो 188 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 400 एनएम का टॉर्क पैदा कर सकता है. इस इंजन के साथ यह कार 0 से 100 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार पकड़ने में 7.7 सेकंड का समय लेती है. ये दोनों ही इंजन 8-स्पीड स्टेप्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन से लैस किए गए हैं.

माना जा रहा है कि भारत में यह कार मर्सिडीज़ बेंज जीएलए और ऑडी क्यू-3 को खासी टक्कर दे सकती है. भारत में इस कार के कूपर एस वेरिएंट की शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 34.90 लाख रुपए, मिनी कूपर एस जेसीडब्ल्यू (जॉन कूपर वर्क्स) की एक्सशोरूम कीमत 41.4 लाख रुपए और इसके टॉप मॉडल कूपर एसडी की एक्सशोरूम कीमत 37.4 लाख रुपए रखी गई है.