कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार न करने का आरोप लगाया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सोमवार को बेंगलुरू में उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में किसी भी प्रधानमंत्री ने अपने विरोधियों पर आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय का ऐसा इस्तेमाल नहीं किया, जैसा कि लगातार नरेंद्र मोदी कर रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक प्रधानमंत्री को इतना छिछला व्यवहार शोभा नहीं देता है. यह देश के लिए अच्छा नहीं है.’

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आगे कहा कि मोदी सरकार अपने जिन फैसलों को सबसे अच्छा बताती है, उन्होंने अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंचाई है. नोटबंदी और वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) को लेकर उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी को जल्दबाजी में लागू करने की दो बड़ी गलतियां कीं, जिन्हें टाला जा सकता था. इन गलतियों से अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान का सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योगों पर बुरा असर पड़ा, जिसकी वजह से हजारों रोजगार खत्म हो गए.’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मुताबिक मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के चलते आम जनता का बैंकिंग व्यवस्था से भरोसा टूट रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि हाल में कई राज्यों में नगदी किल्लत को रोका जा सकता था.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब नेशनल बैंक में जालसाजी के मामले को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘नीरव मोदी की हरकतों के बारे में 2015-16 में ही सूचनाएं मिलने लगी थी लेकिन मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया. इसका अगर किसी पर दोष डाला जाए तो यह मौजूदा सरकार पर ही आएगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘सच तो यह भी है कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) दावोस में नीरव मोदी के साथ थे और उसके कुछ ही दिन बाद वह (नीरव मोदी) देश से फरार हो गया था.’ पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नीरव मोदी के विदेश चले जाने को मोदी सरकार की प्रशासनिक कमजोरी का उदाहरण बताया.