व्लादिमीर पुतिन चौथी बार रूस के राष्ट्रपति बन गए हैं. बीबीसी के मुताबिक सोमवार को उन्होंने भव्य समारोह में पद की शपथ ली. उनके शपथ ग्रहण समारोह में 5,000 से ज्यादा मेहमान शामिल हुए. राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के कार्यकाल को मिलाकर व्लादिमीर पुतिन बीते 18 साल से सत्ता पर काबिज हैं. इस चौथे कार्यकाल के साथ अब वे 2024 तक राष्ट्रपति बने रहेंगे.

मास्को में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनकी जिंदगी रूस के वर्तमान और भविष्य को शांतिपूर्ण और संपन्न बनाने के लिए समर्पित है. उन्होंने खुद को रूस के सभी नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया. इससे पहले रविवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि अगले कुछ वर्षों में लोगों की असल आमदनी बढ़ाना उनका मकसद होगा.

व्लादिमीर पुतिन ने मार्च में संपन्न चुनाव में अब तक के सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत से जीत दर्ज की थी. उन्हें 76.67 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे. हालांकि, लगातार सत्ता पर बने रहने की वजह से विपक्षी उनकी तुलना तानाशाह जार शासकों से करते हैं. दो दिन पहले ही पुलिस ने रूसी राष्ट्रपति के विरोध में रैली निकालने वाले मुख्य विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी और क्रेमलिन विरोधी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था.

दुनिया के लिहाज से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पिछला कार्यकाल क्रीमिया और सीरिया के अलावा ब्रिटेन में पूर्व रूसी जासूस पर कथित रासायनिक हमले को लेकर पश्चिम देशों से टकराव के लिए जाना जाएगा. 2014 में क्रीमिया के यूक्रेन से अलगाव के बाद से रूस और पश्चिमी देशों के रिश्ते तल्ख हो गए थे. वहीं, ब्रिटेन के विवाद के रूस और पश्चिमी देश बड़े पैमाने पर एक-दूसरे के राजदूतों को देश से बाहर निकाल चुके हैं.