श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा जारी घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार शीर्ष अदालत इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करेगी. याचिकाकर्ता प्रमोद मुथालिक ने कहा है कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में धर्म के आधार पर वोट मांगा है, इसलिए उसके सभी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर देना चाहिए.

खबरों के मुताबिक याचिका में आगे कहा गया है कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में सरकार बनने पर मुस्लिमों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए योजनाएं शुरू करने की घोषणा की है. प्रमोद मुथालिक ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह चुनाव आयोग को कांग्रेस की इस घोषणा को हटवाने का निर्देश दे. उनके मुताबिक यह घोषणा जनप्रतिनिधित्व कानून और चुनाव आयोग के सामने पार्टी की घोषणा का उल्लंघन है.

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने 27 अप्रैल को जारी किया था. उन्होंने इसे राज्य के लोगों की ‘मन की बात’ बताया था. इसमें पार्टी ने अल्पसंख्यकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने की कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए उदारता से धन आवंटित करने का वादा किया था. इससे अलावा अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों की शिक्षा के लिए धन उपलब्ध कराने का भी वादा किया था. समाज सुधारक और दार्शनिक बसवन्ना का उल्लेख करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, ‘जब आप कुछ कहते हैं तो उसमें वजन होना चाहिए, कुछ मतलब होना चाहिए.’ कांग्रेस अध्यक्ष ने बीते विधानसभा चुनाव के 95 फीसदी वादे पूरे कर लेने का दावा किया था.