कुछ महीनों पहले केंद्र सरकार के सामने अकबर रोड का नाम बदलकर महाराणा प्रताप रोड रखे जाने का प्रस्ताव भेजा गया है. इस प्रस्ताव पर फिलहाल विचार किया जा रहा है, लेकिन इस दौरान कुछ लोगों ने अकबर रोड का नाम बदलने की शरारत की है. खबरों के मुताबिक मंगलवार को कुछ अराजक तत्वों ने अकबर रोड के साइन बोर्डों के ऊपर महाराणा प्रताप रोड के पोस्टर चिपका दिए. हालांकि अभी तक किसी व्यक्ति या संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है.

मध्य दिल्ली में पड़ने वाली इस रोड पर कई केंद्रीय मंत्रियों और चर्चित नेताओं के निवास हैं. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी का कार्यालय भी इसी रोड के किनारे ही मौजूद है. इस रोड के बोर्डों पर महाराणा प्रताप रोड के पोस्टर चिपकाए जाने के मसले पर नई दिल्ली नगर पालिका (एनडीएमसी) ने जांच कराने की बात की है. फिलहाल इन पोस्टरों को हटा दिया गया है.

इससे पहले पिछले साल ‘हिंदू सेना’ नाम के एक संगठन ने अकबर रोड का नाम बदले जाने की मांग उठाते हुए यहां मौजूद कुछ साइन बोर्डों को नुकसान पहुंचाया था. तब इस संगठन के लोगों ने कुछ बोर्डों पर महाराणा प्रताप रोड के पोस्टर लगा दिए थे. उसी समय केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने भी इस रोड का नाम बदले जाने की मांग की थी और इसका भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने समर्थन किया था.

इससे पहले केंद्र की भाजपा सरकार ने औरंगजेब रोड के नाम को बदला था. इस रोड का नाम बदलकर देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया है. इसके अलावा भारतीय प्रधानमंंत्री के आधिकारिक निवास और कार्यालय को जाने वाली रेसकोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग कर दिया गया था.