‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए, दूसरों को भी प्रधानमंत्री बनने का हक है.’

— संजय राउत, शिवसेना सांसद

शिवसेना सांसद संजय राउत का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा खुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर आया. प्रधानमंत्री ने कहा था कि पार्टी और गठबंधन के अनुभवी नेताओं को नजरअंदाज कर खुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताना राहुल गांधी का अहंकार है. इस पर संजय राउत ने कहा, ‘असलियत में 2014 में तो उम्मीद की जा रही थी कि भाजपा लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री की भूमिका दी जाएगी’ शिवसेना सांसद के मुताबिक अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहते हैं, उन्हें चुनाव में हराना ही सबसे अच्छा विकल्प होगा.

‘जब भगत सिंह, बुटकेश्वर दत्त जैसे स्वतंत्रता सेनानी जेल में थे, तब क्या कोई कांग्रेसी नेता वहां उनसे मिलने गया था?’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान बीते दिनों एम्स में इलाज करा रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेसी नेताओं के पास भ्रष्टाचारियों और जेल में बंद लोगों से मुलाकात करने के लिए समय जरूर है.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने पहले ही घोषित कर दिया कि वे 2019 में प्रधानमंत्री बनेंगे, कांग्रेस सोचती है कि प्रधानमंत्री का पद एक ही परिवार के लिए आरक्षित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक पूरे कर्नाटक में भाजपा के लिए दिखाई दे रहा प्रेम स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस चुनाव हार जाएगी.


‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन एससी-एसटी पर होने वाले हमलों पर मौन साध लेते हैं.’

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का यह बयान भाजपा शासित राज्यों में दलितों और आदिवासी समुदायों के खिलाफ हिंसक घटनाओं को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले कर्नाटक की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उखाड़ फेंकेगी, उसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान की.’ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आगे कहा कि मोदी सरकार के एक मंत्री ने संविधान बदलने की बात कही है, कुछ भी हो जाए लेकिन संविधान को बदलने की इजाजत नहीं दी जाएगी. बीते साल दिसंबर में धर्मनिरपेक्षता की आलोचना करते हुए केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा था कि भाजपा संविधान को बदलने के लिए ही सत्ता में आई है.


‘राहुल गांधी को अपनी पार्टी को अर्थव्यवस्था के नेहरूवादी नजरिए की तरफ ले जाना चाहिए.’

— डी राजा, सीपीआई नेता

सीपीआई नेता डी राजा का यह बयान अर्थव्यवस्था को लेकर कांग्रेस के मौजूदा नीति पर सवाल उठाते हुए आया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा खुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताने पर उन्होंने कहा, ‘(2019 में) कांग्रेस अकेले सरकार बनाने में सक्षम नहीं होगी, उसे कुछ लोगों को जोड़ना पड़ेगा.’ डी राजा आगे कहा कि अर्थव्यवस्था के बारे में कांग्रेस मौजूदा सोच ही क्षेत्रीय और वाम दलों को उसकी दूरी की एक प्रमुख वजह है. उनके मुताबिक अगर कांग्रेस कल्याणकारी राज्य की नेहरूवादी अवधारणा को अपनाती है तो किसी को भी उससे दिक्कत नहीं होगी. डी राजा का कहना था कि आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र में अर्थव्यवस्था का नेहरूवादी नजरिया दिखाई देना चाहिए.


‘ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौता अभी खत्म नहीं हुआ है.’

— ज्यां यीव ली ड्रियान, फ्रांस के विदेश मंत्री

फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां यीव ली ड्रियान का यह बयान ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने पर आया. उन्होंने कहा, ‘केवल अमेरिका इस समझौते से अलग हुआ है, लेकिन यह समझौता अभी भी कायम है.’ वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई ने कहा कि वे शुरू से ही अमेरिका पर भरोसा न करने की बात कह रहे थे. उनके मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से पीछे हटकर बहुत बड़ी गलती की है. 2015 में अमेरिका, फ्रांस, रूस, चीन, ब्रिटेन और जर्मनी ने ईरान के साथ परमाणु समझौता किया था. इसके तहत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटने के एवज में ईरान ने अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम रोक दिया था.