आज कर्नाटक में चुनाव प्रचार का आखिरी दिन था और सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैलियों और बयानों की काफी चर्चा हुई है. लेकिन इसके साथ ही यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कल दिए एक बयान की भी खूब चर्चा है. बीदर में आयोजित एक रैली में मोदी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि जब भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जेल में बंद थे, तब किसी कांग्रेसी नेता ने उनसे मुलाकात नहीं की थी.

प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस को लेकर ऐसे कई दावे अतीत में कर चुके हैं और इनमें से कई गलत साबित हुए हैं. दिलचस्प बात है कि प्रधानमंत्री का यह दावा भी गलत है और मीडिया में इसको उजागर करते हुए आज कई रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं. इनके मुताबिक अगस्त, 1929 में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाहौर की बोर्स्टल जेल में इन क्रांतिकारियों से मुलाकात की थी. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मोदी को यह तथ्य याद दिलाया है. इतिहासकार इरफान हबीब का ट्वीट है, ‘राजनीति में गलत तरीके से इस्तेमाल करने से पहले जाइए और इतिहास को पढ़िए. नेहरू ने न सिर्फ इन लोगों से जेल में मुलाकात की थी, बल्कि इस बारे में लिखा भी था. कांग्रेस के कई नेताओं ने भी गांधी के विरुद्ध जाकर इनका (जेल में बंद क्रांतिकारियों का) समर्थन किया था.’

सोशल मीडिया में इस बयान को लेकर नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाते हुए कुछ बड़ी ही मजेदार प्रतिक्रियाएं भी आई हैं. ट्विटर पर एक यूजर ने चुटकी ली है, ‘मोदी सही कह रहे हैं, लेकिन उन्हें यह पूछना चाहिए कि राहुल गांधी ने जेल में भगत सिंह से मुलाकात क्यों नहीं की थी.’ एक फेसबुक पोस्ट है, ‘ये तो भला हुआ कि मोदी ने यह दावा नहीं किया कि वे अकेले व्यक्ति थे जिसने जेल में बंद शहीदे आजम भगत सिंह से मुलाकात की थी.’

सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दावे पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

सोनाली रानाडे | @sonaliranade

यह कांग्रेसी नेहरू की एक घिसीपिटी और घटिया चाल थी कि वे बिना मोदी जी को बताए गुपचुप तरीके से लाहौर की ब्रोस्टल जेल में भगत सिंह से मिलने पहुंचे. यह जरूर ही मोदी जी को कर्नाटक में हराने की पाकिस्तान की साजिश है.

इंडियन हिस्टरी पिक्स |‏ @IndiaHistorypic

अगस्त 1929 : जवाहरलाल नेहरू लाहौर की बोर्स्टल जेल भगत सिंह, जतिंद्रनाथ दास और बटुकेश्वर दत्त की मुलाकात के बारे में (फोटो – सिलेक्टिड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू, खंड-4/पृष्ठ 13)

प्रियंका गांधी | @WithPGV

यही होता है जब आप राजनीति विज्ञान की डिग्री लेने के लिए स्कूल के बजाय शाखाओं में जाते हैं.

एथीइस्ट | @DigitalAtheist_

‘नेहरू ने भगत सिंह से मुलाकात नहीं की थी... तो इसलिए आप मुझे कर्नाटक चुनाव में वोट दीजिए.’

उमाकांत |‏ @umakanthonline

चुनाव के लिए ‘समसामयिक’ मुद्दों जैसे जिन्ना, भगत सिंह, स्वतंत्रता आंदोलन आदि को उठाया जाए...वाह! लेकिन हम बेरोजगारी, नोटबंदी की असफलता, बैंकों का डूबा हुआ ऋण जैसे मुद्दों पर कब बात करेंगे? अगली शताब्दी में?