खालिस्तान समर्थक समूह पंजाब में आतंकवाद को फिर जिंदा करने के लिए स्थानीय अपराधियों की भर्ती कर रहे हैं. डीएनए के मुताबिक खुफिया विभाग (आईबी) ने गृह मंत्रालय को भेजी अपनी एक रिपोर्ट में यह सनसनीखेज जानकारी दी है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन समूहों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से तकनीकी और आर्थिक मदद मिल रही है. इस बारे में अपनी रिपोर्ट में आईबी ने लिखा है, ‘प्राप्त सबूतों से यह साफ होता है कि पंजाब में कट्टरवाद को बढ़ावा देने के पीछे आईएसआई प्रमुख रूप से शामिल है. वह भारत-विरोधी एजेंडे के लिए विदेशी धरती का इस्तेमाल कर रही है. ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और जर्मनी स्थित कट्टरपंथी समूह उसके साथ मिलकर काम कर रहे हैं.’

खबर के मुताबिक पंजाब के स्थानीय अपराधी पश्चिमी देशों में फैले खालिस्तान-समर्थक समूहों से लगातार संपर्क में हैं. रिपोर्ट की मानें तो ब्रिटेन स्थित एक खालसा-समर्थक समूह ने सोशल मीडिया के जरिये पंजाब के लोगों से खालिस्तान की लड़ाई में शामिल होने की अपील करना शुरू किया है. आईबी ने कहा है कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों, जिला मजिस्ट्रेटों और वरिष्ठ आईएएस व आईपीएस अधिकारियों को इन गुप्त गतिविधियों के बारे में चेतावनी जारी की जानी चाहिए. रिपोर्ट में मंत्रालय से कहा गया है कि वह अधिकारियों को स्थानीय अपराधियों की सूची तैयार करने और उन पर नजर रखने के निर्देश दे.

आईबी के मुताबिक आतंकवाद फैलाने के लिए इन अपराधियों को हवाला के जरिये पैसा पहुंचाया जा रहा है. इसके अलावा उनके परिवार के लोगों को यूरोपीय देशों में शिक्षा और नौकरी देने का प्रलोभन दिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि पंजाब के करीब 100 स्थानीय अपराधी इन समूहों में शामिल होने के लिए यूरोपीय देशों में पहुंच चुके हैं. पिछले महीने न्यूयॉर्क के एक खालिस्तान-समर्थक समूह ने एक सम्मेलन आयोजित किया था. इसमें भारत, पाकिस्तान, जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका से आए सदस्यों ने हिस्सा लिया था. सम्मेलन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा के आतंकियों द्वारा लिखे गए पत्र पढ़े गए थे.