सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उत्तराखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है. खबर है कि शीर्ष अदालत के पांच वरिष्ठतम जजों वाला कॉलेजियम सैद्धांतिक रूप से जस्टिस जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के लिए सरकार को उनका नाम दोबारा भेजेगा. हालांकि इस बार उनके अलावा दूसरे जजों के नामों की सिफारिश भी की जाएगी. ये अन्य जज कौन होंगे, इसका फैसला 16 मई को होने वाली कॉलेजियम की दूसरी बैठक में किया जाएगा. तब तक जस्टिस जोसेफ का नाम केंद्र को नहीं भेजा जाएगा.

पिछले महीने केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश को अस्वीकार करते हुए जस्टिस केएम जोसफ का नाम वापस भेज दिया था और सुप्रीम कोर्ट से इस पर पुनर्विचार करने को कहा था. इसके बाद बीती दो मई को कॉलेजियम की बैठक हुई थी. लेकिन उसमें कोई नतीजा निकलकर नहीं आया था. इसके बाद कॉलेजियम की अगली बैठक नौ मई को होनी थी. लेकिन जस्टिस चेलमेश्वर के अवकाश पर होने की वजह से मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने कॉलेजियम की बैठक आज बुलाने का फैसला किया था. जस्टिस चेलमेश्वर ने ही मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कॉलेजियम की बैठक बुलाकर जस्टिस जोसेफ का नाम फिर से सरकार को भेजने का अनुरोध किया था.

इस साल 10 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस केएम जोसेफ और वरिष्ठ वकील इंदु मल्होत्रा के नामों की सिफारिश की थी. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा भेजी गई दोनों व्यक्तियों की फाइलों पर तीन महीनों तक कोई फैसला नहीं लिया था. बाद में इंदु मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बना दिया गया, लेकिन जस्टिस जोसेफ की फाइल कॉलेजियम को वापस भेज दी गई. सरकार ने सर्वोच्च अदालत से अपील की कि वह जस्टिस जोसेफ की सिफारिश पर पुनर्विचार करे. अब अदालत ने सैद्धांतिक रूप से उनकी फाइल दोबारा भेजने का फैसला किया है. देखना होगा कि इस पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया रहेगी.