भारत और नेपाल ने दोनों देशों के अलग-अलग शहरों के बीच आठ अन्य मार्गों पर बस सेवा शुरू करने के लिए सहमति जताई है. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक ये सेवाएं पटना से जनकपुर, बोध गया से काठमांडू और नेपालगंज से दिल्ली के बीच शुरू हो सकती हैं. साथ ही सिलीगुड़ी से काठमांडू के बीच भी बस चलाए जाने को लेकर भी दोनों पक्षों ने रजामंदी दिखाई है. इसके अलावा नेपाल के शहरों को बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से जोड़ने के लिए यात्रियों की संख्या को देखते हुए विचार किया जाएगा.

मौजूदा समय में नेपाल और भारत के बीच दिल्ली से काठमांडू के साथ पोखरा और महेंद्रनगर के लिए बस चलाई जा रही है. साथ ही वाराणसी से काठमांडू के लिए भी बस सेवा का संचालन किया जाता है. एक अधिकारी के मुताबिक अगर दोनों देशों के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ती है तो कुछ नए मार्गों पर भी सेवा शुरू करने पर विचार किया जाएगा. इससे पहले दो दिन की नेपाल यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष केपी ओली के साथ शुक्रवार को जनकपुर से अयोध्या के लिए एक बस को हरी झंडी दिखाई थी.

इसी अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भारत ने नेपाली सरकार से मांग की है कि उसके पर्यटकों को अपनी कार से नेपाल में प्रवेश की अनुमति दी जाए. मौजूदा समय में भारतीय पर्यटक अपनी कार से नेपाल जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें नेपाली दूतावास से इजाजत लेनी पड़ती है. इजाजत न होने पर नियमों के उल्लंघन के मामले में वाहन को जब्त कर लिया जाता है. भारत का कहना है कि अपनी कार से यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए इस अनुमति की व्यवस्था भारत-नेपाल सीमा पर की जा सकती है.