कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है. शुरुआती दो घंटों में यानी सुबह नौ बजे तक करीब 10 फीसदी से अधिक वोट डाले जा चुके हैं. राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है. पिछले 30 साल में ऐसा कभी नहीं हुआ है कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार रही हो. न ही इस दौरान राज्य में किसी सरकार को मतदाताओं ने पांच साल बाद दोबारा मौका दिया है. क्या इस बार ऐसा होगा? यह सवाल बहुतों के मन में है.

1. वोटर और प्रत्याशी

इस चुनाव में करीब पांच करोड़ मतदाता वोट डालेंगे. इनके हाथ में कुल में 2654 प्रत्याशियों की किस्मत होगी जिनमें 200 से ज्यादा महिलाएं हैं. इस बार करीब 72 लाख मतदाता ऐसे हैं जो पहली बार वोट डाल रहे हैं.

2. सबसे बड़ा और छोटा निर्वाचन क्षेत्र

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी विधानसभा सीट बेंगलुरू दक्षिण सीट है. इस सीट पर तकरीबन पांच लाख 58 हजार मतदाता हैं. यह क्षेत्रफल के लिहाज़ से भी सबसे बड़ी सीट है. मतदाता संख्या के हिसाब से सबसे छोटी विधानसभा सीट श्रृंगेरी है. यहां एक लाख साठ हजार मतदाता हैं. क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटी विधानसभा सीट हलयाल है.

3. मतदान केंद्रों और ईवीएम की संख्या

इस चुनाव में मतदान केंद्रों की कुल संख्या करीब 56 हजार है. इनमें रखी लगभग 83 हजार ईवीएम मशीनों के जरिए प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा. सभी ईवीएम वीवीपैट से जुड़ी हैं.

4. दो सीटों पर चुनाव टला

आरआर नगर और जयनगर सीट पर चुनाव टल गए हैं. यानी चुनाव 224 में से 222 सीटों पर ही हो रहा है. जयनगर में भाजपा उम्मीदवार और विधायक वीएन विजयकुमार के निधन की वजह से चुनाव स्थगित किया गया है. वहीं, वहीं, बेंगलुरु के आरआर नगर में नौ मई को एक फ्लैट से करीब 10 हजार फर्जी वोटर आईडी कार्ड मिलने के बाद मतदान टाला गया है. अब यहां 28 मई को वोटिंग होगी और नतीजे 31 तारीख को आएंगे.