महाराष्ट्र के औरंगाबाद में हिंसा और आगजनी की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हिंसा के दौरान दर्जनों दुकानों और कई गाड़ियों में आग लगा दी गई. हालात देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है. इसके अलावा घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

इस हिंसा की वजह फिलहाल साफ नहीं है. कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक झगड़ा एक इलाके में नल के अवैध कनेक्शन को लेकर हुआ. बताया गया कि इलाके के कुछ लोगों ने नल तोड़ दिया था. इससे दूसरे गुट के लोग भड़क गए और दोनों के बीच हिंसा शुरू हो गई. वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया कि झगड़ा शराब को लेकर हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक गांधीनगर के कुछ शरारती तत्व हिंसा वाली जगह पहुंचे थे. उन्होंने वहां के एक गैराज मैकेनिक से शराब पीने के लिए पैसे की मांग की. जब मैकेनिक ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो उन्होंने उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी.

इसके बाद बताया जाता है कि जल्द ही कुछ और लोग भी धारदार हथियार लेकर वहां पहुंच गए. इसके बाद इलाके के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर लीं. हिंसा की वजह से आसपास के इलाकों में भी तनाव फैल गया. तमाम अफवाहों के बीच मोतीकरंजा, राजा बाजार, शाहगंज, चेलीपुरा और अंगूरीबाग में पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं. कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई तो कइयों में आग लगा दी गई. दुकानों को भी निशाना बनाया गया. इस दौरान 17 साल का एक लड़का गोली लगने से घायल हो गया. बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

उधर, पुलिस पर हालात संभालने में नाकाम होने का आरोप लगाया जा रहा है. इस घटना के जो वीडियो वायरल हुए हैं उनमें पुलिसकर्मियों को गोली चलाते और आंसू गैस के गोले छोड़ते देखा जा सकता है. इस बारे में जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. खबर के मुताबिक पिछले दो महीने से औरंगाबाद में पूर्णकालिक पुलिस आयुक्त नहीं है. खबर यह भी है कि पुलिस को इस हिंसा के पीछे एक निर्दलीय पार्षद के हाथ होने का संदेह है.