रेल यात्रियों के खान-पान की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए रेलवे ने ‘कॉम्बो मील’ सेवा लाने की योजना बनाई है. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक रेलवे का कॉम्बो मील हवाई जहाज में परोसे जाने वाले स्वादिष्ट और गुणवत्ता से भरपूर खाने जैसा होगा. रेलवे इस योजना की शुरुआत राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी विशेष ट्रेनों से करेगा. यात्री इसे पसंद करेंगे तो इस सेवा का विस्तार दूसरी ट्रेनों में भी किया जाएगा.

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी का कहना है, ‘यात्रियों की तरफ से हमें खाने की गुणवत्ता को लेकर काफी शिकायतें मिलती हैं. कॉम्बो मील के जरिये हम इसमें कमी लाने की कोशिश करेंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘रेलवे प्रतिदिन करीब 12 लाख यात्रियों को भोजन परोसता है. इनमें 10 लाख थालियां रेल में जबकि दो लाख स्टेशनों पर परोसी जाती हैं. खाने की इतनी अधिक मात्रा को लेकर हम पर काफी दबाव है. यह खाना गुणवत्ता भरा हो, अब इसके लिए भी कुछ व्यवस्थाएं की जा रही हैं.’

रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के रसोईघरों में अब रेलवे अपने प्रबंधकों की तैनाती करेगा. ये खाने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे. रेलवे को खाना पहुंचाने का काम आईआरसीटीसी की तरफ से ही किया जाता है. इसके अलावा खाने-पीने की चीजों के ज्यादा​ दाम वसूले जाने की शिकायतों पर भी रेलवे ने अहम फैसला किया है. 25 ट्रेनों के यात्री अब पूर्व निर्धारित खान-पान की सूची से अपना पसंदीदा आहार चुनकर उसका भुगतान क्रेडिट या डेबिट कार्ड से कर सकते हैं.

उधर इस बारे में अश्विनी लोहानी का कहना है​ कि खानपान की अतिरिक्त कीमत से यात्रियों को बचाने के लिए जल्दी ही तीन हजार प्लाइंट आॅफ सेल मशीनें लगाई जाएंगी. इसके जरिये यात्री उचित कीमत पर खाने की चीजें हासिल कर सकेंगे. इसके साथ ही रेल कर्मचारियों को बिल निकालने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीनें दी जाएंगी जिसके बाद ऐसी शिकायतों में कमी की उम्मीद है.