भारतीय जनता पार्टी ने आंध्र प्रदेश इकाई के नए अध्यक्ष की भी नियुक्ति कर दी है. लेकिन पार्टी ने इस बार यह ज़िम्मेदारी जिस नेता काे सौंपी है उनके नाम ने लोगों को चौंकाया भी है. याद दिला दें कि इसी 17 अप्रैल को भाजपा सांसद और आंध्र इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष के हरि बाबू ने इस्तीफ़ा दे दिया था. तभी से यह पद खाली था.

ख़बरों के मुताबिक भाजपा ने आंध्र की कमान कन्ना लक्ष्मीनारायण को सौंपी है. लेकिन ख़ास बात यह है कि लक्ष्मीनारायण मूल रूप से भाजपाई नहीं हैं. गुंटूर से पांच बार विधायक रहे लक्ष्मीनारायण पुराने कांग्रेसी हैं. वे संयुक्त आंध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकारों में मंत्री भी रहे हैं. लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद वे भाजपा में आए थे. हालांकि भाजपा में आकर उनका इस पार्टी से लगाव मज़बूत हुआ हो ऐसा भी नहीं लगता. बताया जाता है कि उन्होंने कुछ हफ़्तों पहले ही भाजपा नेतृत्व को यह धमकी दे दी थी कि वे पार्टी छोड़ रहे हैं. उन्होंने जगनमोहन रेड्‌डी के नेतृत्व वाली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के संकेत भी दिए थे.

हालांकि इस सबके बावज़ूद भाजपा ने उन्हें अगर यह ज़िम्मेदारी साैंपी तो इसकी मुख्य वज़ह यह बताई जा रही है कि लक्ष्मीनारायण राज्य के ताक़तवर कापू समुदाय से ताल्लुक़ रखते हैं. उनकी नियुक्ति की घोषणा करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य के प्रभारी अरुण सिंह ने बताया कि प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य सोमू वीर राजू को चुनाव प्रबंध समिति का अध्यक्ष भी बनाया है. इस नियुक्ति के बाद गुंटूर में मीडिया बातचीत के दौरान लक्ष्मीनारायण ने कहा, ‘सत्ताधारी तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) केंद्र सरकार और भाजपा के ख़िलाफ़ दुष्प्रचार कर रही है. मैं पार्टीजनों के साथ मिलकर इस झूठ को उजागर करूंगा और पार्टी को प्रदेश में मज़बूत करूंगा.’