अमेरिका ने इजरायली शहर यरुशलम में सोमवार को अपना दूतावास औपचारिक रूप से खोल दिया. बीते साल दिसंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल अवीव से दूतावास को यरुशलम ले जाने का ऐलान किया था. दशकों पुरानी नीति को बदलते हुए उन्होंने इस शहर को इजरायल की आधिकारिक राजधानी के तौर पर मान्यता दी थी. दूतावास खुलने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इसे इजरायल के लिए एक असाधारण दिन बताया.

अमेरिका के इस कदम के विरोध में काफी हिंसा भी हुई. इजराइल और गाजा पट्टी को अलग करने वाली बाड़ के पास हजारों फिलीस्तीनियों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान इजरायली सेना की फायरिंग में 41 लोग मारे गए. सेना का कहना है कि विरोध प्रदर्शन में करीब 35,000 से अधिक लोग शामिल थे जिनमें कुछ आतंकी भी थे. उसके मुताबिक इन आतंकियों ने लोगों की आड़ लेकर उस पर हमला करना शुरू कर दिया था. साथ ही भीड़ बाड़ को बम से उड़ाने की भी कोशिश कर रही थी. इजरायली सेना के मुताबिक इसके बाद उसे गोली चलानी पड़ी. यरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता दिए जाने के अमेरिकी फैसले के बाद से जारी विरोध में अब तक 91 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.