करीब तीन हफ्ते बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें आज फिर बढ़ गई हैं. तेल कंपनियों ने प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत में 17 पैसे, जबकि डीजल की कीमत में 21 पैसे की बढ़ोतरी की है. इस समय भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत रोजाना तय करने की व्यवस्था लागू है, लेकिन तेल कंपनियों ने बीते 20 दिनों से इसकी समीक्षा नहीं की थी. सोशल मीडिया पर आज इस बढ़ोत्तरी की खूब चर्चा है और ट्विटर पर Petrol ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल रहा. यहां कई लोगों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है. रिद्धि जैन का तंजभरा ट्वीट है, ‘रावण के देश (श्रीलंका) में पेट्रोल 58 रुपये प्रति लीटर है, सीता मैया के देश (नेपाल) में 64 रुपये प्रति लीटर. लेकिन राम जी के देश में 83 रुपये लीटर हो गया है. ये कैसा राम राज्य है?’

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया में चर्चा चलती रही है कि केंद्र सरकार के दबाव के चलते तेल कंपनियां कर्नाटक चुनाव के पहले पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाएंगी. हालांकि औपचारिक रूप से सरकार ने ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया था, लेकिन आज सोशल मीडिया पर लोगों ने इस बात का जिक्र करते हुए सरकार को जमकर घेरा है. पत्रकार अभिसार शर्मा का ट्वीट है, ‘जय हो. पेट्रोल के दाम बढ़ गए, कर्नाटक चुनाव जो खत्म हो गए! लेकिन आपको सरकार यह बता रही थी कि बढ़ते दामों में उसका कोई योगदान नहीं है.’

पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी पर सोशल मीडिया में आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

नाइट वॉचमैन | @watchman_knight

मोदी जी का फर्स्ट लॉ ऑफ इलेक्शन : पेट्रोल की कीमतें एक समान रूप से तब तक बढ़ेंगी जब तक कि बाहरी ताकतों जैसे कि राज्य चुनाव वगैरह की वजह से थामी न जाएं.

मंजुल | @MANJULtoons

कर्नाटक चुनाव नतीजे आने से पहले की शांति :

जेटली (वसूली भाई) |‏ @Vishj05

पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी चुनाव के दौरान थम गई थी. ठीक वैसे ही जैसे चुनाव के दौरान मोदी का काम करना थम जाता है.

अश्विन | @Ashwin___S

चुनाव खत्म हो चुके हैं और सरकार अपने पसंदीदा खेल – टैक्स बढ़ाओ, सेस लगाओ, पर वापस आ चुकी है.

संजय श्रीवास्तव | @NextPMRaga

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बहुत सस्ता है फिर भी मनमोहन सिंह की सरकार जनता की जेब काट रही है. काश, मोदी जी आज प्रधानमंत्री होते तो पेट्रोल 30 और डीजल 25 रुपये प्रति लीटर होता!

खुर्रल सिद्दीकी | @Khurram1inc

पेट्रोल के दाम बढ़े और जिन्ना की तस्वीर का विवाद ख़त्म. इसका मतलब है कि कर्नाटक का चुनाव ख़त्म हो गया!